RSS vs NSUI: राजस्थान विश्वविद्यालय (RU) में शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े ‘मातृशक्ति’ कार्यक्रम को लेकर कैंपस में तनाव का माहौल है। छात्र संगठन NSUI ने इस कार्यक्रम का कड़ा विरोध करने का ऐलान किया है, जबकि BJP ने विरोध करने वालों को सख्त चेतावनी दी है कि शांति भंग करने की कोशिश हुई तो कानून अपना काम करेगा।
कार्यक्रम मानविकी पीठ सभागार में आयोजित होने वाला है। आयोजकों के अनुसार यह RSS का सीधा कार्यक्रम नहीं, बल्कि मरुधर नारी सशक्तिकरण संगठन द्वारा ‘मातृशक्ति’ (महिला शक्ति) पर चर्चा का कार्यक्रम है, जिसमें समाज की प्रभावशाली महिला नेताओं से संवाद होगा। RSS के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में आयोजित यह सभा महिलाओं की समस्याओं और सशक्तिकरण पर फोकस करने का दावा किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुमति ली गई है और संपर्क व्यक्ति के रूप में यूनिवर्सिटी की रिसर्च फेलो डॉ. सुनीता का नाम दिया गया है।
NSUI का विरोध
NSUI ने इसे विश्वविद्यालय को विचारधारा के प्रचार-प्रसार का मंच बनाने का प्रयास बताया है। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और अन्य नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय शोध, वैज्ञानिक सोच और लोकतांत्रिक मूल्यों का केंद्र होना चाहिए, न कि किसी संगठन की वैचारिक प्रयोगशाला। उन्होंने प्रशासन से कार्यक्रम की अनुमति रद्द करने की मांग की है। NSUI ने आरोप लगाया कि ऐसे आयोजन शैक्षणिक माहौल को खराब करते हैं। पिछले साल सितंबर-अक्टूबर 2025 में RSS से जुड़े ‘शस्त्र पूजा’ कार्यक्रम पर NSUI के विरोध में हिंसक झड़पें हुई थीं, जिसमें NSUI कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और गिरफ्तारियां हुई थीं। विनोद जाखड़ सहित कई कार्यकर्ता उस मामले में जेल भी गए थे।
BJP की प्रतिक्रिया
BJP ने NSUI और कांग्रेस पर पलटवार करते हुए उन्हें महिला विरोधी करार दिया। जयपुर शहर BJP जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने प्रेस वार्ता में कहा कि कांग्रेस केवल राहुल गांधी की नजरों में अपनी स्थिति सुधारने के लिए RSS को निशाना बना रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 3 अप्रैल को विरोध या शांति भंग की कोशिश की गई तो कानून सख्ती से काम करेगा। BJP का कहना है कि यह कार्यक्रम महिलाओं की सशक्तिकरण पर केंद्रित है, लेकिन कांग्रेस को सोनिया और प्रियंका गांधी के अलावा कोई महिला नहीं दिखाई देती।
सुरक्षा इंतजाम
विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने कार्यक्रम को लेकर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की है। कैंपस में तनावपूर्ण माहौल है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण रूप से होता है या विरोध के दौरान कोई अप्रिय घटना घटती है। यह विवाद राजस्थान विश्वविद्यालय को एक बार फिर राजनीतिक और वैचारिक संघर्ष का केंद्र बना रहा है, जहां छात्र संगठनों के बीच टकराव अक्सर देखा जाता है।

