अगस्त में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 2.07% पर पहुंची, जुलाई में महंगाई दर थी 1.61%

New Delhi Retail Inflation Rate News: भारत में खुदरा महंगाई दर ने नौ महीनों की गिरावट के बाद अगस्त 2025 में बढ़त दर्ज की है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा महंगाई दर अगस्त में 2.07 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो जुलाई में 1.61 प्रतिशत थी। यह वृद्धि विशेषज्ञों की उम्मीदों के अनुरूप है और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के लक्ष्य के भीतर बनी हुई है।

महंगाई में इस मामूली बढ़ोतरी का मुख्य कारण सब्जियों, मांस और तेलों की ऊंची कीमतें बताई जा रही हैं। खाद्य महंगाई दर में भी सुधार देखा गया, जहां अगस्त में सालाना आधार पर खाद्य कीमतों में 0.69 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि जुलाई में यह 1.76 प्रतिशत थी। यानी खाद्य क्षेत्र में अपस्फीति की दर कम हुई है। कोर महंगाई दर में भी हल्की बढ़त हुई है, जो जुलाई के 4.1 प्रतिशत से बढ़कर अगस्त में 4.2 प्रतिशत हो गई।

आरबीआई के लिए यह आंकड़े सकारात्मक संकेत दे रहे हैं, क्योंकि समग्र महंगाई अभी भी 4 प्रतिशत के मध्यम लक्ष्य से काफी नीचे है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश बनी हुई है। शहरी क्षेत्र में महंगाई दर जुलाई के 2.10 प्रतिशत से बढ़कर 2.47 प्रतिशत हो गई, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी समान रुझान देखा गया।

पिछले नौ महीनों से महंगाई दर में लगातार गिरावट आ रही थी, जो नवंबर 2024 से शुरू हुई थी। अगस्त का यह आंकड़ा यह दर्शाता है कि उच्च आधार प्रभाव कम हो रहा है, लेकिन कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनी हुई है। ईंधन और प्रकाश की महंगाई दर अगस्त में 2.43 प्रतिशत दर्ज की गई।

सरकार और आरबीआई दोनों ही महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए सतर्क हैं। आने वाले महीनों में मानसून के प्रभाव और वैश्विक कारकों पर नजर रहेगी, जो आगे की दिशा तय करेंगे।

यह भी पढ़ें: टेलर स्विफ्ट ब्लेक लाइवली-जस्टिन बाल्डोनी कानूनी विवाद में डिपोज नहीं होंगी, जज ने दिया फैसला

यहां से शेयर करें