Rau’s IAS Delhi Flooding Case: नई दिल्ली: उत्तरी दिल्ली के पुराने राजेंद्र नगर इलाके में स्थित Rau’s IAS Study Circle के बेसमेंट लाइब्रेरी में 27 जुलाई 2024 को भारी बारिश के दौरान आई बाढ़ में तीन युवा UPSC अभ्यर्थियों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया था और कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा मानकों तथा MCD की लापरवाही को लेकर सवाल खड़े किए थे। अब लगभग दो साल बाद CBI ने अपनी जांच रिपोर्ट दाखिल कर दी है, जिसमें MCD के दो वरिष्ठ अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी गई है। CBI ने दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में जस्टिस दिनेश भट्ट के समक्ष supplementary final report (क्लोजर रिपोर्ट) पेश की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तत्कालीन Superintendent Engineer अजय नागपाल और Deputy Commissioner कुमार अभिषेक पर आपराधिक लापरवाही का कोई सबूत नहीं मिला। दोनों अधिकारियों को इस मामले में क्लीन चिट दे दी गई है।
CBI रिपोर्ट में क्या कहा गया?
CBI की जांच के अनुसार, निम्नलिखित तीन MCD अधिकारियों पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने का आरोप है, अर्नब कुमार दत्ता (तत्कालीन Junior Engineer): उन्होंने बेसमेंट को कोचिंग और लाइब्रेरी के रूप में इस्तेमाल होते जानते हुए भी अपनी रिपोर्ट में इसे फर्नीचर स्टोरेज बताया।राजीव कुमार जैन (Assistant Engineer): दस्तावेजों की ठीक से जांच नहीं की। कुमार महेंदु (Executive Engineer): लीज डीड में कोचिंग इंस्टीट्यूट चलाने का जिक्र होने के बावजूद कोई जांच नहीं की। हालांकि, CBI ने स्पष्ट किया है कि इन तीनों अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन (prosecution) की मंजूरी नहीं मिली है। सरकारी अधिकारी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए संबंधित विभाग या सरकार की मंजूरी जरूरी होती है। मंजूरी न मिलने के कारण CBI इनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं कर सका।
हादसे की पूरी पृष्ठभूमि
27 जुलाई 2024 को पुराने राजेंद्र नगर के बाजार मार्ग स्थित Plot No. BP-11 में Rau’s IAS कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में UPSC तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे थे। भारी बारिश से सड़क पर पानी भर गया और वह बेसमेंट में घुस गया। कुछ ही देर में हालात इतने बिगड़ गए कि तीन युवा जान गंवा बैठे, श्रेया यादव (25 वर्ष), तान्या सोनी (25 वर्ष), नेविन डेल्विन (24 वर्ष)। नेविन डेल्विन के पिता सुरेश डेल्विन ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद CBI को जांच सौंपी गई। हादसे से पहले जून 2024 में MCD को बेसमेंट में अवैध लाइब्रेरी चलाए जाने की शिकायत मिली थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जुलाई में भी कोचिंग संबंधी शिकायतें आईं, लेकिन स्थिति ‘अंडर प्रोसेस’ बनी रही।
कोर्ट और जांच का सफर
मार्च 2026 में कोर्ट ने CBI को MCD अधिकारियों की भ्रष्टाचार की जांच करने का निर्देश दिया था। CBI ने अब क्लोजर रिपोर्ट में कहा है कि सीनियर स्तर पर कोई आपराधिक लापरवाही नहीं पाई गई। इससे पहले मामले में Rau’s IAS के पार्टनर अभिषेक गुप्ता, अन्य संस्थान अधिकारियों और दिल्ली फायर सर्विस के कुछ कर्मचारियों समेत अर्नब कुमार दत्ता को आरोपी बनाया गया था। यह मामला कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा उपेक्षा, बेसमेंट का दुरुपयोग और प्रशासनिक लापरवाही की बड़ी मिसाल बन गया। अभिभावक और छात्र संगठनों ने बार-बार MCD और अन्य एजेंसियों से सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
वर्तमान स्थिति
CBI की इस रिपोर्ट के बाद अब कोर्ट फैसला करेगा कि आगे क्या कार्रवाई हो। कई छात्र संगठन और पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं। इस हादसे ने दिल्ली सहित देशभर में कोचिंग संस्थानों के बेसमेंट उपयोग पर सख्ती बढ़ाने और बाढ़ सुरक्षा मानकों को लेकर जागरूकता पैदा की है। सूत्रों के रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना UPSC तैयारी करने वाले युवाओं की सुरक्षा को लेकर एक चेतावनी है। MCD और संबंधित विभागों को अब अपनी जिम्मेदारियों को लेकर और सतर्क होने की जरूरत है।
यह भी पढ़ें: शादी और सर मुंडन: शादी के दबाव से बचने के लिए महिला ने मुंडवाया सिर, वीडियो हुआ वायरल

