घटना का विवरण AIMIM ने 13 मार्च (शुक्रवार) को नामपल्ली विधानसभा क्षेत्र के फर्स्ट लांसर स्थित पुराने ईदगाह मैदान में ‘दावत-ए-इफ्तार’ का आयोजन किया है, जिसमें पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी और नामपल्ली MLA माजिद हुसैन सहित अन्य नेता शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों के प्रचार के लिए अस्पताल के सामने बड़े फ्लेक्स बैनर लगाए गए थे। इससे नाराज माधवी लता ने खुद पहुंचकर तीन बड़े बैनर फाड़ दिए।
AIMIM का पलटवार AIMIM ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। पार्टी का कहना है कि माधवी लता की यह हरकत रमजान के पवित्र महीने में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है। नामपल्ली MLA माजिद हुसैन ने जवाब देते हुए कहा कि इफ्तार की दावत किसी जाति या पार्टी की नहीं, बल्कि अल्लाह की राह में है। उन्होंने माधवी लता पर राजनीतिक सनसनी फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी की इफ्तार में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। AIMIM ने दावा किया कि यह कार्यक्रम सामुदायिक एकता और दान के लिए है, न कि दिखावा।
सोशल मीडिया पर हलचल घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कुछ यूजर्स ने माधवी लता की तारीफ की और कहा कि उन्होंने सही मुद्दा उठाया, जबकि अन्य ने इसे धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया। हैशटैग जैसे #MadhaviLatha, #AIMIMIftar और #HyderabadControversy ट्रेंड कर रहे हैं।
पृष्ठभूमि माधवी लता 2024 लोकसभा चुनाव में हैदराबाद सीट से बीजेपी उम्मीदवार थीं, जहां उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ मुकाबला किया था। वे पहले भी ओवैसी परिवार पर तीखे हमले करती रही हैं। यह घटना हैदराबाद की सियासत में बीजेपी-AIMIM के बीच तनाव को और बढ़ा रही है, खासकर रमजान के दौरान। प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं की है, लेकिन स्थिति पर सभी की नजर टिकी हुई है। आगे क्या होता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

