Raigarh Tamnar Violence: महिला पुलिसकर्मी पर हमले के मुख्य आरोपी को पुलिस ने दी ‘अनोखी सजा’, चप्पलों की माला पहनाकर और लिपस्टिक लगाकर निकाला जुलूस

Raigarh Tamnar Violence: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में कोयला खनन विरोधी प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मी के साथ हुई बदसलूकी और मारपीट की घटना ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया था। अब इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी चित्रसेन साहू (या साव) को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने वाली कार्रवाई की, जिसमें उसे चप्पलों-जूतों की माला पहनाई गई, चेहरे पर लिपस्टिक लगाई गई, बनियान फाड़ी गई और चड्ढी-बनियान में शहर में जुलूस निकालकर घुमाया गया। यह कार्रवाई महिला पुलिसकर्मियों की ओर से की गई, जिन्होंने इसे महिलाओं के सम्मान की रक्षा का प्रतीक बताया।

घटना का विवरण
घटना 27 दिसंबर 2025 की है। तमनार ब्लॉक के सीएचपी चौक, लिब्रा में जिंदल पावर लिमिटेड (JPL) की कोयला खदान के खिलाफ चल रहे धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। पुलिस अपने बल से मार्ग खोलने पहुंचा तो भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी व डंडों से हमला कर दिया। इस दौरान एक महिला आरक्षक (कांस्टेबल) को भीड़ ने घेर लिया, उसे खेतों में घसीटा, कपड़े फाड़े और अर्धनग्न अवस्था में मारपीट की। वायरल वीडियो में महिला पुलिसकर्मी जमीन पर गिरी हुईं दिखीं, जो अपनी इज्जत बचाने की कोशिश कर रही थीं, जबकि भीड़ अभद्रता कर रही थी। इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए।

वीडियो वायरल होने के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया। विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे मानवता को शर्मसार करने वाली घटना बताया, जबकि सत्ताधारी भाजपा ने कड़ी सजा का वादा किया।

पुलिस की कार्रवाई और ‘सजा’
पुलिस ने त्वरित जांच शुरू की और पहले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। मुख्य आरोपी चित्रसेन साहू फरार था, जिसे 5 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद रायगढ़ पुलिस, खासकर महिला पुलिसकर्मियों ने आरोपी को सबक सिखाने के लिए अनोखी कार्रवाई की:
• आरोपी के गले में जूतों-चप्पलों की माला डाली गई।
• उसके होठों पर लिपस्टिक लगाई गई।
• उसे केवल अंडरगारमेंट्स (चड्ढी-बनियान) में रखा गया और बनियान फाड़ दी गई।
• हाथों में जंजीर बांधकर कान पकड़वाए गए और जुलूस निकालकर शहर में घुमाया गया (हेमू कालानी चौक से चक्रधर नगर थाना या जमुनाहिंद चौक से जिला न्यायालय तक)।
• आरोपी को बार-बार माफी मांगने और कहने पर मजबूर किया गया: “वर्दी फाड़ना पाप है, पुलिस हमारी बाप है।”

इस कार्रवाई के बाद महिला पुलिसकर्मियों ने केक काटकर और पटाखे फोड़कर खुशी जताई। महिला थाना प्रभारी दीपिका निर्मलकर ने कहा, “महिला पुलिसकर्मी खुश हैं क्योंकि आरोपी पकड़ा गया और उसे सजा मिली। हमें कानून पर भरोसा है कि उसे सबसे सख्त सजा मिलेगी। यह कार्रवाई महिलाओं पर गलत करने वालों को संदेश है।”

पुलिस अधीक्षक ने इसे वर्दी और महिलाओं के सम्मान पर हमले के खिलाफ सख्त संदेश बताया। आरोपी को बाद में कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

विवाद और प्रतिक्रियाएं
यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। कई लोग इसे त्वरित न्याय मानकर सराह रहे हैं, जबकि कुछ ने पुलिस की इस अतिरिक्त-कानूनी कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। मानवाधिकार संगठनों की ओर से भी प्रतिक्रिया आने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि यह प्रतीकात्मक था ताकि अपराधियों में भय पैदा हो।

मामले में अब तक कुल छह आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि वर्दी पर हाथ उठाने या महिलाओं से बदसलूकी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

यह घटना पुलिसकर्मियों, खासकर महिला पुलिस की सुरक्षा पर सवाल उठा रही है। राज्य सरकार ने भी कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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