एपस्टीन फाइल्स पर राहुल का आरोप, पुरी का खंडन
राहुल गांधी ने दावा किया कि दिवंगत अमेरिकी वित्तीय अपराधी और सेक्स ऑफेंडर जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइल्स में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम है। इन फाइल्स में एपस्टीन के अपराधों और उनके उच्च-प्रोफाइल सोशल सर्कल— जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, बिल क्लिंटन जैसे नाम शामिल हैं— का जिक्र है।
इस आरोप का तुरंत जवाब देते हुए हरदीप सिंह पुरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इसे पूरी तरह खारिज कर दिया। पुरी ने स्पष्ट किया कि वे एपस्टीन से केवल 3-4 बार मिले थे, वह भी इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (IPI) की एक शांति डेलिगेशन के सदस्य के तौर पर। उन्होंने कहा, “मेरे IPI के बॉस एपस्टीन को जानते थे। मैं सिर्फ डेलिगेशन के साथ 3 या अधिकतम 4 बार मिला। हमारी बातचीत का एपस्टीन के अपराधों से कोई संबंध नहीं था। मैं उनकी गतिविधियों में दिलचस्पी नहीं रखता था। उनके लिए मैं ‘सही व्यक्ति’ नहीं था… एपस्टीन ने मुझे ईमेल में ‘दो-mukha’ (two-faced) कहा था। राहुल गांधी को वो ईमेल पढ़ने चाहिए।”
अमेरिकी व्यापार समझौते पर ‘भारत माता बेची’ का आरोप
राहुल गांधी ने भाषण के दूसरे हिस्से में अमेरिका के साथ हाल ही में अंतिम रूप दिए गए व्यापार समझौते को निशाना बनाया। उन्होंने इसे “भारत का थोक समर्पण” करार देते हुए कहा कि इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा अमेरिका के हवाले कर दी गई, किसानों के हितों से समझौता किया गया और टेक्सटाइल उद्योग खत्म हो जाएगा।
राहुल ने भावुक अंदाज में कहा, “आपने भारत बेच दिया। आपको शर्म नहीं आती कि आपने भारत माता बेच दी? यह सिर्फ प्रधानमंत्री का समर्पण नहीं है— उन्होंने 150 करोड़ भारतीयों का भविष्य सौंप दिया। उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि अमेरिका में भाजपा की वित्तीय संरचना पर केस चल रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते में आएंगे, जिससे किसानों पर “तूफान” आएगा। डेटा और किसान दोनों बेच दिए गए हैं। राहुल ने दावा किया कि अगर इंडिया गठबंधन की सरकार होती तो वह डोनाल्ड ट्रंप से बराबरी की बात करती।
भाजपा का पलटवार
राहुल के भाषण के तुरंत बाद भाजपा ने कड़ा विरोध जताया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “कोई भारत नहीं बेच सकता। कांग्रेस ने देश को कमजोर किया, आज भारत प्रगति कर रहा है इसलिए उन्हें दुख है। राहुल गांधी झूठ बोलकर सदन से चले जाते हैं, जवाब नहीं सुनते।” भाजपा प्रवक्ता ने राहुल के भाषण को “संसदीय मर्यादा का नया निचला स्तर” बताया और कहा कि विपक्ष के नेता में गंभीरता की कमी है। पार्टी ने सदन में नोटिस देने की बात भी कही। राहुल गांधी का यह भाषण संसद के बजट सत्र में कई दिनों के हंगामे के बाद आया है। दोनों मुद्दों— एपस्टीन कनेक्शन और अमेरिकी व्यापार समझौता— पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।

