Racist attacks continue in Israel: PM मोदी के इजरायल दौरे से ठीक पहले अशकेलोन में दो भारतीय कामगारों पर नस्ली हमला: इजरायल ने की कड़ी निंदा, हमलावर गिरफ्तार

Racist attacks continue in Israel: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे (25-26 फरवरी) से महज कुछ दिन पहले दक्षिणी इजरायल के अशकेलोन शहर में दो भारतीय कामगारों पर पूर्व नियोजित नस्ली हमला हुआ। इजरायली मीडिया के अनुसार, हमला नफरत और नस्लवाद से प्रेरित था, जिसकी योजना व्हाट्सएप चैट के जरिए बनाई गई थी। इजरायली पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है और इजरायली दूतावास ने इसे “बिल्कुल अस्वीकार्य” बताते हुए कड़ी निंदा की है।

क्या हुआ अशकेलोन में?
इजरायली सार्वजनिक प्रसारक KAN ने 19 फरवरी को घटना का वीडियो जारी किया, जिसमें एक सार्वजनिक पार्क में कम से कम तीन हमलावर दो भारतीय कामगारों को दिन के उजाले में बुरी तरह पीटते दिख रहे हैं। हिब्रू कैप्शन में साफ लिखा है कि यह “पूर्व नियोजित हमला” था, जो “नस्लवाद और दुर्भावना” से प्रेरित था। हमलावरों ने व्हाट्सएप पर साजिश रची, इलाके में भारतीय कामगारों की पहचान की और फिर उन्हें निशाना बनाया।

इजरायली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया। एक रिपोर्ट में दो 19 वर्षीय युवकों के गिरफ्तार होने की बात कही गई है। दोनों भारतीय कामगारों को चोटें आई हैं, हालांकि उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

इजरायल की प्रतिक्रिया
इजरायल के भारत स्थित दूतावास ने गुरुवार को आधिकारिक बयान जारी कर कहा:
“कल अशकेलोन में दो भारतीय कामगारों पर अपराधियों का हमला बिल्कुल मंजूर नहीं है। इजरायली पुलिस ने अपराधियों को पकड़ लिया है और उन्हें सजा दिलाएगी।”
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी घटना का जिक्र किया और भारत-इजरायल संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर दिया।

मोदी दौरे का संदर्भ
यह घटना ऐसे समय हुई है जब प्रधानमंत्री मोदी 25-26 फरवरी को दो दिवसीय इजरायल दौरे पर जा रहे हैं। यह उनका 2017 के बाद दूसरा इजरायल दौरा होगा। वे इजरायली संसद (नैसेट) को संबोधित करेंगे और रक्षा, व्यापार व प्रौद्योगिकी सहयोग पर चर्चा करेंगे। दोनों देशों के बीच संबंध पिछले सालों में काफी मजबूत हुए हैं, खासकर अक्टूबर 2023 के हमास हमले के बाद जब इजरायल ने फिलिस्तीनी मजदूरों के परमिट रद्द कर दिए और भारतीय कामगारों की भर्ती बढ़ाई। फिलहाल इजरायल में 20,000 से ज्यादा भारतीय कामगार कार्यरत हैं, जिन्हें अच्छी सैलरी (लगभग 1.9 लाख रुपये मासिक) के साथ आवास, बीमा और सुरक्षा की गारंटी दी जाती है।

भारतीय प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कांग्रेस नेता पवन खेरा ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा:
“यह पूर्व नियोजित नस्ली हमला था, जो प्राइवेट चैट पर प्लान किया गया। सरकार घर में रोजगार नहीं दे पा रही, इसलिए लोग इजरायल जा रहे हैं। दोस्ती का जश्न मनाती है, लेकिन हमारे लोग बर्बरता का शिकार हों तो चुप्पी साध लेती है।” खेरा ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मजदूरों की स्थिति पर स्पष्टीकरण मांगा और इजरायली अधिकारियों से बात करने की मांग की।

स्थिति पर नजर
इजरायली पुलिस ने जांच तेज कर दी है और दोनों देशों में घटना को लेकर चिंता जताई जा रही है। भारतीय दूतावास इजरायल में भारतीय समुदाय की सुरक्षा बढ़ाने पर नजर रखे हुए है। अभी तक कोई नई घटना की सूचना नहीं है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

यह भी पढ़ें: Made In India Semiconductor Chip: कल ‘इंडिया चिप’ कार्यक्रम में जुटेंगे दिग्गज; भारी वाहनों और ट्रैफिक के लिए रूट एडवाइजरी जारी, घर से निकलने से पहले पढ़ें

यहां से शेयर करें