Purity of Ganga river violated in Varanasi: पवित्र गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी करने और चिकन बिरयानी खाकर अवशेष (हड्डियां व बचा हुआ खाना) नदी में फेंकने के आरोप में पुलिस ने 14 युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भाजपा युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर तुरंत एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस के अनुसार, 16 मार्च 2026 को पंचगंगा घाट के पास गंगा की बीच धारा में नाव पर ये युवक इफ्तार मना रहे थे। वीडियो में वे बड़े पतीले से चिकन बिरयानी खाते और हड्डियां व खाने के बचे हुए हिस्से गंगा में फेंकते दिख रहे हैं। पुलिस ने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और गंगा की पवित्रता भंग करने का मामला माना। आरोपी ज्यादातर मदनपुरा इलाके के रहने वाले मुस्लिम युवक हैं, जिनकी पहचान वीडियो से हुई। इनमें मोहम्मद अव्वल, अमजद अली, मोहम्मद समीर, मोहम्मद अहमद उर्फ रजा, नूर इस्माइल, मोहम्मद फैजान आदि शामिल हैं। एक नाव संचालक (हिंदू) भी गिरफ्तार किया गया।
कोतवाली एसीपी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि शिकायत मिलते ही टीमों ने तुरंत कार्रवाई की। आरोपियों को गायघाट से गिरफ्तार किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 298 (पूजा स्थल की अपवित्रता), 299 (धार्मिक भावनाएं आहत करने), 196(1)(b) (धार्मिक आधार पर शत्रुता फैलाना), 270 (सार्वजनिक उपद्रव) और 223(b) के साथ-साथ जल (प्रदूषण रोकथाम) अधिनियम 1974 की धारा 24 भी लगाई गई है। सभी को हिरासत में लिया गया है और आगे की जांच जारी है। नाव संचालक के लाइसेंस रद्द करने की भी प्रक्रिया शुरू हो गई।
यह घटना गंगा की सफाई और पवित्रता को लेकर सवाल खड़े कर रही है। नामामी गंगे परियोजना के तहत गंगा प्रदूषण पर सख्त नजर रखी जा रही है। इसी बीच कुछ लोगों ने सवाल उठाया है कि गंगा में शवों की आंशिक दाह के बाद अस्थियों का विसर्जन या दुर्गा पूजा-गणेश पूजा में मूर्तियों के विसर्जन (जिसमें प्लास्टर ऑफ पेरिस व रसायनिक रंगों से प्रदूषण होता है) पर भी अक्सर शिकायतें आती हैं, लेकिन हर बार गिरफ्तारी नहीं होती। प्रशासन का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण के नियम सभी पर लागू हैं और कार्रवाई शिकायत तथा सबूतों के आधार पर होती है। पिछले वर्षों में मूर्ति विसर्जन के लिए पर्यावरण-अनुकूल मूर्तियों का प्रचार किया गया और कुछ मामलों में प्रतिबंध भी लगाए गए थे, लेकिन पूर्ण रूप से रोक नहीं पाई गई।
वाराणसी पुलिस ने सभी से अपील की है कि गंगा की पवित्रता बनाए रखें और कोई भी ऐसा कार्य न करें जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाए या नदी को प्रदूषित करे। मामले की जांच चल रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

