पुणे जमीन विवाद: बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे और उनके फिल्ममेकर पति गोल्डी बेहल एक गंभीर जमीन विवाद में घिर गए हैं। पुणे जिले के मावळ क्षेत्र में हुए एक संपत्ति लेनदेन को लेकर एक स्थानीय किसान ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता चंद्रकांत बालू शिंदे (50) और उनकी माँ कमलबाई (75) का आरोप है कि यह सेलिब्रिटी दंपत्ति अपने सामाजिक प्रभाव और स्थानीय पुलिस की मदद से मावळ तालुका के उकसान गाँव की उनकी 30 गुंठा (करीब 32,000 वर्ग फुट) जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रही है। शिंदे का दावा है कि यह जमीन 1957 से उनके परिवार की है और उनके पैतृक अधिकारों को नजरअंदाज करते हुए जाली दस्तावेजों के जरिए इसे खरीदा गया।
कब शुरू हुआ विवाद?
विवाद तब शुरू हुआ जब मूल मालिकों ने कथित तौर पर 2012 में जमीन एक स्थानीय व्यक्ति को बेच दी, जिसने बाद में मार्च 2021 में इसका एक हिस्सा गोल्डी बेहल को बेच दिया। शिंदे परिवार का कहना है कि ये सभी बिक्रियाँ “अवैध और शून्य” हैं क्योंकि उनके पूर्व-स्थापित काश्तकारी अधिकार कभी कानूनी तरीके से समाप्त नहीं किए गए।
14 दिसंबर 2025 को क्या हुआ?
शिंदे परिवार के अनुसार 14 दिसंबर 2025 को सोनाली बेंद्रे और गोल्डी बेहल मजदूरों और भारी मशीनरी के साथ उस जगह पहुँचे और अनधिकृत निर्माण शुरू कर दिया। जब कमलबाई ने काम रोकने की कोशिश की तो उन्हें कथित तौर पर धमकियाँ दी गईं। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने भी माँ-बेटे को झूठे चोरी के मामलों में फँसाने की धमकी दी, अगर उन्होंने “सेलिब्रिटी कपल को परेशान करना” बंद नहीं किया गया तो।
सोनाली बेंद्रे का पक्ष
सोनाली बेंद्रे ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि मावळ जमीन खरीद से संबंधित किसी भी दस्तावेज पर उनका नाम नहीं है और यह मामला उन्हें बदनाम कर पैसा ऐंठने की कोशिश है। उनके वकील राजू शिंदे ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए इसे किसान द्वारा प्रचार पाने और आर्थिक लाभ लेने की कोशिश बताया है।
अगली सुनवाई कब?
यह मुकदमा वडगाँव मावळ की सिविल कोर्ट में दाखिल किया गया है, जहाँ अगली सुनवाई 20 अप्रैल 2026 को होनी है। यह मामला फिलहाल न्यायाधीन है और दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं। अदालत के फैसले का इंतजार रहेगा।
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