ईरानी सरकार ने इन मौतों को “विदेशी समर्थित आतंकवादियों” से जोड़ा है और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को जायज ठहराया है। राज्य टीवी पर तेहरान के शवगृह के बाहर बॉडी बैग्स की तस्वीरें दिखाई गईं। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल्स आंशिक रूप से बहाल हो गई हैं, जिससे कुछ जानकारी बाहर आ रही है।

अमेरिकी सैन्य गतिविधि बढ़ी
तनाव बढ़ने के बीच कतर स्थित अल उदैद एयर बेस पर अमेरिकी लड़ाकू विमानों और टैंकर विमानों की गतिविधि बढ़ गई है। यह बेस मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है, जहां 10,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
अमेरिकी सरकार ने अपने नागरिकों को तत्काल ईरान छोड़ने की चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान का आंतरिक संकट अब क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ गया है।

ट्रंप प्रशासन में मतभेद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रदर्शनों पर कड़ी कार्रवाई के पक्ष में हैं और सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। हालांकि उपराष्ट्रपति जेडी वैंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो कूटनीति को प्राथमिकता देने की सलाह दे रहे हैं। तेहरान ने बातचीत के संकेत दिए हैं, लेकिन ट्रंप ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग जारी रहा तो परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

रेजा पहलवी की अपील
निर्वासित शाहजादे रेजा पहलवी ने ट्रंप से प्रदर्शनकारियों का सक्रिय समर्थन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ईरानी विदेशी सैन्य हस्तक्षेप नहीं चाहते, बल्कि राजनीतिक समर्थन से ही व्यवस्था परिवर्तन संभव है।
लंदन और लॉस एंजिल्स में हजारों ईरानी प्रवासियों ने प्रदर्शन किए, जहां पुराने झंडे और “मेक ईरान ग्रेट अगेन” जैसे नारे लगे। स्थिति अभी तनावपूर्ण है और आगे की घटनाओं पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।


