नोएडा एक्सप्रेसवे का ट्रैफिक दबाव घटाने की तैयारी, यमुना पुश्ता पर एलिवेटेड रोड योजना पर तेज़ हुई प्रक्रिया

नोएडा। नोएडा एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए यमुना पुश्ता के साथ-साथ एलिवेटेड रोड बनाने की योजना पर काम तेज कर दिया गया है। इस प्रस्तावित सड़क को क्षेत्र की भविष्य की ट्रैफिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक अहम बुनियादी ढांचा परियोजना माना जा रहा है।

योजना का उद्देश्य और जरूरत
नोएडा एक्सप्रेसवे पर रोज़ाना लाखों वाहन चलते हैं और पीक आवर्स में जाम की स्थिति आम हो गई है। आने वाले समय में जेवर एयरपोर्ट के चालू होने के बाद यातायात का दबाव और बढ़ने की संभावना है। इसी को देखते हुए यमुना पुश्ता पर एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव सामने आया, ताकि एक्सप्रेसवे के मौजूदा ट्रैफिक को एक वैकल्पिक और तेज़ रूट मिल सके।

कौन बनाएगा एलिवेटेड रोड
अब तक की प्रक्रिया में यह स्पष्ट किया गया है कि इस एलिवेटेड रोड का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) या यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA/यूपीडा) में से किसी एक एजेंसी द्वारा किया जा सकता है। दोनों एजेंसियों के स्तर पर तकनीकी और प्रशासनिक विकल्पों पर मंथन हुआ है, ताकि यह तय किया जा सके कि परियोजना किसके दायरे में आएगी।

जानिए अब तक क्या-क्या हुआ
अब तक इस परियोजना को लेकर शुरुआती स्तर पर कई अहम कदम उठाए जा चुके हैं।

  • ट्रैफिक दबाव और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एलिवेटेड रोड का कॉन्सेप्ट तैयार किया गया।
  • यमुना पुश्ता के साथ सड़क निर्माण की व्यवहारिकता (फीज़िबिलिटी) पर चर्चा हुई।
  • संबंधित विभागों और प्राधिकरणों के बीच जिम्मेदारी तय करने को लेकर बैठकों का दौर चला।
  • एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, पर्यावरणीय पहलुओं और भूमि उपयोग को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक खाका तैयार किया गया।

एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा फायदा
इस एलिवेटेड रोड के बनने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली-एनसीआर के अन्य हिस्सों से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच आसान और तेज हो जाएगी। माना जा रहा है कि इससे एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का बोझ कम होगा और यात्रियों को समय की बचत मिलेगी।

आगे की राह
अफ़सरों के अनुसार अगला कदम विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), लागत आकलन और अंतिम एजेंसी के चयन से जुड़ा होगा। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही निर्माण कार्य की समय-सीमा और औपचारिक मंजूरी की तस्वीर साफ हो पाएगी।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगी रफ्तार
यदि यमुना पुश्ता पर एलिवेटेड रोड की योजना जमीन पर उतरती है, तो यह केवल ट्रैफिक समस्या का समाधान नहीं करेगी, बल्कि नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के औद्योगिक, व्यावसायिक और रियल एस्टेट विकास को भी नई गति देगी।

 

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