Premanand Maharaj’s laughter in Vrindavan: भक्ति की नगरी वृंदावन में उस समय अनोखा नजारा देखने को मिला जब एक जादूगर ने श्रीहित राधा केलि कुंज आश्रम में प्रेमानंद जी महाराज के सामने अपनी कला का प्रदर्शन किया। जादूगर के करतबों और चुटीले अंदाज ने न केवल महाराज जी को आश्चर्यचकित किया, बल्कि उन्हें जोर-जोर से हंसने पर भी मजबूर कर दिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लाखों लोग महाराज जी की मासूम हंसी देखकर भावविभोर हो रहे हैं।
जादूगर पारंपरिक काले टोपी और रंग-बिरंगे कोट में महाराज जी के सामने पहुंचा। शुरुआत में महाराज जी एकाग्र होकर उसके हर करतब को ध्यान से देख रहे थे। सबसे खास करतब वह था जिसमें जादूगर ने तिरंगे के तीनों रंगों (केसरिया, सफेद और हरा) के अलग-अलग कपड़ों को आपस में बांधा। झटके से कपड़ों को खोलते ही बीच में प्रेमानंद महाराज की तस्वीर केसरिया और हरे रंग के बीच सुशोभित हो गई, जबकि बगल में राधा-कृष्ण की दिव्य छवि प्रकट हुई। अपनी फोटो इस तरह अचानक देखकर महाराज जी पहले तो हैरान हुए और फिर ठहाके लगाकर हंस पड़े। आश्रम में मौजूद सभी भक्तों की तालियां गूंज उठीं।
राष्ट्रीय एकता का गहरा संदेश
मनोरंजन के साथ जादूगर ने सामाजिक संदेश भी दिया। उसने मोतियों की एक माला दिखाते हुए कहा कि यह माला हमारे देश का प्रतीक है, जहां अलग-अलग धर्म और जाति के लोग एक धागे में पिरोए हुए हैं। एक शिष्य के हाथ में माला देकर धागा कैंची से कटवाया, मोती बिखर गए। फिर शिष्य से मुट्ठी बंद कर महाराज जी का नाम स्मरण करने को कहा। मुट्ठी खुलते ही माला फिर से जुड़ी हुई थी। यह देख पूरा आश्रम हंसी और तालियों से गूंज उठा।
इसके अलावा जादूगर ने फटे अखबार के टुकड़ों को फिर से जोड़ने का करतब भी दिखाया। महाराज जी जादूगर की कला और उसके समर्पण से इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने राधा रानी का प्रसादी दुपट्टा भेंट कर आशीर्वाद दिया।
सोशल मीडिया पर छाया वीडियो
यह पूरा वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। लोग महाराज जी की बच्चे जैसी मासूम हंसी और जादूगर की कला की तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स लिख रहे हैं कि भक्ति और कला का ऐसा मिलन दुर्लभ होता है। वृंदावन के इस पावन आश्रम में आए दिन ऐसे हृदयस्पर्शी पल देखने को मिलते हैं जो भक्तों का मन मोह लेते हैं।
राधे-राधे! 

