Prem Baisa Death Case: राजस्थान की चर्चित कथावाचक और आध्यात्मिक हस्ती साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत का मामला रहस्यमयी होता जा रहा है। 28 जनवरी 2026 को पाल रोड के आरती नगर स्थित आश्रम में इंजेक्शन लगने के बाद उनकी मौत हो गई थी। जांच में अब दाल के जरिए जहर देने का शक गहरा गया है, जबकि पुलिस विसरा और हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। विशेष जांच टीम (SIT) और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम लगातार सक्रिय है।
जांच के प्रमुख अपडेट
• दाल पर संदेह: साध्वी को जुकाम और गले खराब होने पर इंजेक्शन दिया गया था, लेकिन अब जांच में उनकी खाई गई दाल पर शक है। क्या दाल में जहर मिलाया गया या इंजेक्शन का रिएक्शन था, यह स्पष्ट करने के लिए सैंपल जांच में हैं।
• सीन रिक्रिएशन और FSL निरीक्षण: 1 फरवरी को FSL टीम ने दोबारा आश्रम का दौरा किया और घटनास्थल पर सीन रिक्रिएशन कराया। आवश्यक नमूने एकत्र किए गए। पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश खुद मौके पर पहुंचे और जांच की समीक्षा की।
• पूछताछ जारी: साध्वी के पिता वीरमनाथ (या ब्रह्मनाथ), सेवादार-सह-ड्राइवर सुरेश, मामा और अन्य लोगों से लंबी पूछताछ हुई। पिता ने मीडिया से कहा कि उनकी बेटी के साथ कुछ गलत हुआ है और पुलिस सच्चाई सामने लाएगी। घटना के समय केवल पिता और सुरेश ही अस्पताल ले जाते वक्त मौजूद थे।
• नीले नाखूनों का रहस्य: मौत से पहले साध्वी के नाखून नीले पड़ गए थे, जो ऑक्सीजन की कमी या जहर का संकेत माना जा रहा है।
• तकनीकी और संपत्ति एंगल: कॉल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, डिजिटल डाटा और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच चल रही है। आश्रम, ट्रस्ट, बैंक खातों और संपत्ति के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। मौत से पहले के तीन दिनों की गतिविधियां विशेष रूप से जांच में हैं।
• 9 सदस्यीय SIT गठित: मामले की गंभीरता को देखते हुए 9 सदस्यीय SIT बनाई गई है, जो इंजेक्शन एंगल समेत हर पहलू की पड़ताल कर रही है।
पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने कहा, “जांच वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर हो रही है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद तस्वीर और साफ होगी।” पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड से कराया गया, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ।
यह मामला जनवरी अंत से सुर्खियों में है। साध्वी की मौत ब्रेन डेड कंडीशन में अस्पताल पहुंचने के बाद हुई। अभी तक कोई बड़ी गिरफ्तारी या खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन जांच में नए-नए पहलू सामने आ रहे हैं।

