Prayagraj Minor Trafficking: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मानव तस्करी और मेडिकल माफिया का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। फाफामऊ थाना क्षेत्र में एक 15 साल की नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपहरण किया गया और इंदिरा आईवीएफ सेंटर में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसका जबरन अंडाणु (ओवा) निकाला गया। पुलिस ने इस गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें 4 महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। पूछताछ में बड़े रैकेट का खुलासा होने की आशंका है।
पैसे और आईफोन का लालच देकर फंसाया
पीड़िता शादियों में वेट्रेस का काम करती थी। पुलिस जांच के अनुसार, उसकी सहकर्मी पलक हेला और उसकी मां रिंकी हेला ने लड़की को पैसे व आईफोन का लालच दिया। इसके बाद वे उसे सीमा भारतीया के पास ले गईं। सीमा के बेटे हिमांशु भारतीया ने फर्जी आधार कार्ड तैयार किया, जिसमें लड़की को बालिग और विवाहित दिखाया गया।
इसके बाद गिरोह की सदस्य कल्पना भारतीया, जो इंदिरा आईवीएफ की रजिस्टर्ड एजेंट है, ने कंसेंट एफीडेविट तैयार करवाया और फर्जी कागजातों के आधार पर 20 जनवरी 2026 को सेंटर में ओवा एक्सट्रैक्शन की प्रक्रिया कराई गई।
पीड़िता की मां अनीता गौतम ने 3 फरवरी को फाफामऊ थाने में तहरीर दी, जिसके बाद मामला सामने आया। लड़की को वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रखा गया है, जहां उसने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के सामने बयान दर्ज कराया।
ये लोग गिरफ्तार
पुलिस ने निम्नलिखित आरोपियों को हिरासत में लिया है:
• पलक हेला (करेली निवासी)
• रिंकी हेला (उसकी मां)
• सीमा भारतीया
• हिमांशु भारतीया (सीमा का बेटा)
• कल्पना भारतीया (IVF एजेंट)
आरोपियों से पूछताछ जारी है। कुछ रिपोर्ट्स में सरोगेसी रैकेट या अन्य कोण की भी जांच की बात सामने आई है।
पुलिस बोली: बड़े नेटवर्क की आशंका
डीसीपी गंगा नगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया, “प्रारंभिक पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। फर्जी दस्तावेज बनाकर नाबालिगों का शोषण किया जा रहा था। हम पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटे हैं। IVF सेंटर की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।”
पुलिस अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश कर रही है। मामले में POCSO एक्ट, अपहरण और धोखाधड़ी की धाराएं लगाई गई हैं।
यह घटना उत्तर प्रदेश में अवैध IVF प्रथाओं और मानव अंग तस्करी जैसे मुद्दों पर सवाल उठा रही है। पीड़िता को न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग जोर पकड़ रही है।

