Political uproar over Sanjay Dutt’s RSS centenary celebration video: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की 100वीं वर्षगांठ पर साझा किए गए एक वीडियो ने राजनीतिक हलकों में तूफान मचा दिया है। 2 अक्टूबर को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किए गए इस वीडियो में दत्त ने आरएसएस की तारीफ करते हुए कहा, “संघ हमेशा देश के साथ खड़ा रहा है, खासकर संकट और मुश्किल समय में।” इस संदेश ने न केवल सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी, बल्कि कांग्रेस ने इसे परिवारिक विरासत के अपमान के रूप में देखते हुए अभिनेता पर तीखा प्रहार किया।
वीडियो में संजय दत्त ने आरएसएस को राष्ट्र-निर्माण का प्रतीक बताते हुए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संगठन ने 100 वर्षों में देश की सेवा में अहम भूमिका निभाई है, जो संकटों के समय में हमेशा मजबूती से खड़ा रहा। यह संदेश आरएसएस की स्थापना (1925) के ठीक 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई हस्तियों ने संगठन को बधाई दी। पीएम मोदी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के नेतृत्व को “परिवर्तनकारी युग” करार दिया, जो राष्ट्र-प्रथम भावना को मजबूत करता है।
हालांकि, कांग्रेस को यह संदेश बिल्कुल रास नहीं आया। पार्टी के नेता सुरेंद्र राजपूत ने संजय दत्त पर सीधा हमला बोला और कहा, “नायक नहीं, खलनायक है तू। अपने पिता का नालायक है तू।” राजपूत ने संजय के पिता स्वर्गीय सुनील दत्त का जिक्र करते हुए कहा कि सुनील दत्त कांग्रेस के प्रमुख नेता और सांसद रहे, जबकि उनकी बेटी प्रिया दत्त भी पार्टी से जुड़ी रहीं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां कई कांग्रेस समर्थकों ने संजय को “परिवारिक विश्वासघात” का दोषी ठहराया। एक यूजर ने लिखा, “संजय दत्त का आरएसएस समर्थन देखकर लगता है कि वे अपने पिता की विरासत को भूल गए हैं।”
इस विवाद को और गहरा करने वाला पहलू संजय दत्त का अतीत है। 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में उन्हें अवैध हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, टीडीए (TADA) के तहत आरोपों से बरी कर दिया गया, लेकिन आर्म्स एक्ट के तहत सजा काटनी पड़ी। आलोचकों का कहना है कि ऐसे बैकग्राउंड वाले व्यक्ति का आरएसएस जैसी “अनुशासन-प्रधान” संस्था की तारीफ करना विडंबना है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं दोधारी तलवार सरीखी रहीं। जहां कुछ यूजर्स ने संजय की तारीफ की और कहा कि यह “कवितामय न्याय” है, वहीं अन्य ने कांग्रेस की “ईर्ष्या” पर तंज कसा। बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन रामपाल ने भी आरएसएस को बधाई दी, जिससे विवाद और भड़क गया। इधर, कांग्रेस ने आरएसएस पर सामान्य हमला जारी रखा, कहा कि संगठन ने स्वतंत्रता संग्राम में ब्रिटिशों का साथ दिया था।
फिलहाल, संजय दत्त की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह घटना भारत की सियासी ध्रुवीकरण को एक बार फिर उजागर करती है, जहां पारिवारिक विरासत और वैचारिक मतभेद टकराते हैं। क्या यह विवाद थमेगा या और गहराएगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

