Political storm in Maharashtra: महाराष्ट्र की राजनीति चुनाव के बाद भी ठंडी नहीं पड़ी है। एक तरफ एनसीपी अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे पर परिवार के गंभीर आरोप, दूसरी तरफ महायुति सरकार का मुसलमानों को 5% आरक्षण खत्म करने का फैसला, अब्दुल सत्तार वाले गोमूत्र शुद्धिकरण, मालेगांव में टीपू सुल्तान की तस्वीर और नागपुर में बुलडोजर कार्रवाई पर कोर्ट की फटकार – इन मुद्दों ने पूरे राज्य में सियासी घमासान मचा दिया है।
अजीत पवार हादसा: रोहित पवार ने लगाए ‘सोची-समझी हत्या’ के आरोप 28 जनवरी 2026 को बारामती एयरपोर्ट पर लीयरजेट-45 चार्टर प्लेन क्रैश हो गया था, जिसमें अजीत पवार समेत पांच लोग मारे गए। आज (19 फरवरी) तक जांच में नई-नई पेचीदगियां सामने आ रही हैं। एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार (अजीत पवार के भतीजे) ने कल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा – “यह एक्सीडेंट नहीं, प्लान्ड मर्डर लग रहा है। प्लेन में दो एक्स्ट्रा फ्यूल टैंक्स लगे थे, पायलट का आचरण संदिग्ध था, व्हाट्सएप चैट्स में अजीब बातें निकल कर बाहर आ रही हैं।”
रोहित पवार ने DGCA और सरकार से सवाल किया कि VSR Ventures चार्टर कंपनी की सेवाएं अभी तक क्यों नहीं बंद की गईं? कंपनी के मालिक वीके सिंह के बेटे रोहित सिंह दुर्घटना के तुरंत बाद मियामी चले गए, उन्हें क्यों नहीं रोका गया? उन्होंने साफ कहा – “जांच सही दिशा में नहीं जा रही, VSR कंपनी को बचाया जा रहा है।”
एनसीपी ने CBI जांच की मांग की है, जबकि रोहित पवार ने मॉनिटरिंग कमिटी बनाने की मांग रखी जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पवार परिवार के सदस्य शामिल हों। परिवार ने फ्रांस या ब्रिटेन की अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से मदद लेने का भी विचार कर लिया है। ब्लैक बॉक्स आग में क्षतिग्रस्त होने से डेटा रिकवर करने में दिक्कत हो रही है। अजीत पवार के बेटे जय पवार ने भी कल सख्त जांच की मांग की।
मुस्लिम 5% आरक्षण खत्म: कांग्रेस का ‘द्वेषपूर्ण’ आरोप ठीक रमजान से पहले महायुति सरकार ने 18 फरवरी को सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी कर 2014 का 5% मुस्लिम आरक्षण पूरी तरह समाप्त कर दिया। कांग्रेस-एनसीपी सरकार ने 2014 में मराठाओं को 16% और मुसलमानों को 5% (स्पेशल बैकवर्ड क्लास-A) आरक्षण दिया था, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने नौकरियों पर रोक लगा दी थी। अध्यादेश समय पर कानून नहीं बना, इसलिए अब GR से जाति प्रमाण-पत्र और वैलिडेशन प्रक्रिया भी रोक दी गई। कांग्रेस नेता नसीम खान ने इसे “द्वेष भावना” से लिया गया फैसला बताया। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने कहा – “भाजपा सरकार जानबूझकर अध्यादेश को कानून नहीं बनने दिया।” AIMIM ने कहा कि आरक्षण भले खत्म हो, लेकिन मुस्लिम युवा शिक्षा पर फोकस करें। सरकार का तर्क – संविधान धर्म आधारित आरक्षण की इजाजत नहीं देता।
अब्दुल सत्तार और गोमूत्र शुद्धिकरण विवाद शिवसेना (शिंदे) गुट के विधायक और पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार ने महाशिवरात्रि पर चत्रपति संभाजीनगर जिले के राहिमाबाद गांव के नागेश्वर महादेव मंदिर में पूजा की। इसके बाद हिंदुत्व युवाओं ने मंदिर में गोमूत्र छिड़ककर “शुद्धिकरण” किया। दावा – सत्तार ने मांसाहार किया था, इसलिए मंदिर अपवित्र हो गया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसे “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया और सत्तार का बचाव किया। भाजपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ प्रमुख तुषार भोसले ने इसे “पवित्रता बहाल करना” बताया। विपक्ष ने इसे सांप्रदायिकता का नया रूप करार दिया।
मालेगांव में टीपू सुल्तान तस्वीर विवाद मालेगांव की उप-महापौर शान-ए-हिंद ने अपने केबिन में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगा दी जिसको लेकर भाजपा और शिवसेना ने तीखा विरोध किया। बाद में तस्वीर हटा दी गई। कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने पलटवार किया – “2013 में खुद भाजपा नगरसेवकों ने टीपू सुल्तान के नाम पर रोड बनाने का प्रस्ताव पास किया था। यह दोहरी नीति है।” मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सपकाल की शिवाजी-टीपू तुलना को “शर्मनाक” बताया।
नागपुर बुलडोजर पर कोर्ट फटकार नागपुर में औरंगजेब विवाद के बाद फहीम खान (दंगे के आरोपी) के घर पर बिना नोटिस बुलडोजर चला दिया गया। नागपुर बेंच ऑफ बॉम्बे हाईकोर्ट ने नगर निगम को फटकार लगाई और मुआवजा या नया मकान बनाने के निर्देश दिए। सुप्रीम कोर्ट की 2025 गाइडलाइंस (15 दिन नोटिस अनिवार्य) का उल्लंघन माना गया। निष्कर्ष महाराष्ट्र में महायुति सरकार और विपक्ष के बीच जंग अब व्यक्तिगत आरोपों, आरक्षण, सांप्रदायिकता और प्रशासनिक कार्रवाइयों तक पहुंच गई है। रोहित पवार ने कहा – “अंकल की मौत का सच सामने आएगा।” वहीं विपक्ष सरकार पर “मुस्लिम विरोधी और दोहरे मापदंड” का आरोप लगा रहा है। राज्य की सियासत अभी और गर्म होने वाली है।

