मामले की पृष्ठभूमि अन्य रिपोर्ट्स के अनुसार, फेस-3 थाना क्षेत्र में एक युवती (मध्य प्रदेश की रहने वाली) को आरोपी (विकास कुमार उर्फ मोहम्मद रमीज या इसी तरह का नाम) ने अपना धर्म छिपाकर प्रेम जाल में फंसाया था। शादी का झांसा देकर आपत्तिजनक वीडियो बनाए, ब्लैकमेल किया, दुष्कर्म किया और लाखों रुपये ऐंठे। पीड़िता ने एक महीने पहले शिकायत की, लेकिन पुलिस ने शुरुआत में केवल हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और त्वरित कार्रवाई नहीं की।
मंगलवार शाम को बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने थाना फेस-3 पर प्रदर्शन किया। उन्होंने महिला एसआई पर बद्तमीजी और पुलिस की लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पीड़िता बार-बार थाने आई, लेकिन एक्शन नहीं हुआ। हंगामा बढ़ने पर एसीपी उमेश कुमार मौके पर पहुंचे और गिरफ्तारी का आश्वासन देकर शांत कराया। बाद में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन गंभीर धाराओं की कमी पर सवाल उठे।
कमिश्नर का फैसला कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने क्राइम रिव्यू और शिकायतों की जांच के बाद लापरवाही को गंभीर माना। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे संवेदनशील मामलों में तुरंत गंभीर धाराएं जोड़ी जाएं और पीड़िताओं को प्राथमिकता दी जाए। निलंबन के आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। विभागीय जांच भी शुरू हो गई है, जिसमें महिला एसआई पर लगे आरोपों की भी जांच होगी।

