पुलिस ने बिहार से दंपती को किया गिरफ्तार

21 साल पुराने हत्याकांड का खुलासा
New Delhi news दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 21 वर्ष पुराने हत्या के मामले का पर्दाफाश कर मुख्य आरोपितों को बिहार से गिरफ्तार किया है। मामला नांगलोई थाना क्षेत्र का है, जहां वर्ष 2004 में 14 वर्षीय किशोरी की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। अदालत ने वर्ष 2006 में दोनों आरोपितों को भगोड़ा घोषित कर दिया था।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने सोमवार को बताया कि क्राइम ब्रांच की (एनआर-1) यूनिट ने 15 दिन तक बिहार में डेरा डालकर मुख्य आरोपित सिकंदर उर्फ सुकवा (60) और उसकी पत्नी मंजू (55) को जिला बांका, बिहार से गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ नांगलोई थाने में वर्ष 2004 में हत्या का मामला दर्ज था।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार 22 अप्रैल 2004 को शिवराम पार्क, नांगलोई में 14 वर्षीय किशोरी घर पर अकेली थी। उसके माता-पिता बिहार गए हुए थे और भाई एक शादी में नोएडा गया था। 23 अप्रैल की सुबह जब भाई घर लौटा तो दरवाजा बंद मिला। पीछे से घर में घुसने पर उसने बहन को बिस्तर पर मृत पाया। उसका गला चाकू से रेत दिया गया था। शोर मचाने पर पुलिस पहुंची और हत्या का मामला दर्ज किया गया। इधर पूछताछ में आरोपित सिकंदर ने बताया कि वह मृतका के पिता गणेश का करीबी था और उनके साथ वाटरप्रूफिंग के काम में मजदूरी करता था। आरोप है कि मृतका के पिता ने कई वर्षों की मजदूरी का पैसा नहीं दिया था और एक प्लॉट दिलाने का वादा भी पूरा नहीं किया। इसी रंजिश में सिकंदर और उसकी पत्नी ने मिलकर बच्ची की हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
पुलिस उपायुक्त के अनुसर पुलिस टीम लंबे समय से पुराने संगीन मामलों के आरोपितों की तलाश कर रही थी। इस बीच इंस्पेक्टर पुखराज सिंह की टीम को आरोपितों का पता बांका, बिहार में चला। जानकारी जुटाने के बाद पुलिस 10 फरवरी को छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारी के अनुसार हत्या के बाद आरोपित पहले गाजियाबाद में 15 दिन रहे, फिर बिहार के बरौनी में एक साल तक छिपे रहे। इसके बाद कोलकाता में मजदूरी कर गुजारा करते रहे।

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