Parliament Budget Session: संसद के बजट सत्र में आज भी हंगामा और व्यवधान का दौर जारी रहा। लोकसभा में विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जवाब दिए बिना ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया गया। स्पीकर ओम बिरला ने यह फैसला लिया, जबकि सदन में राहुल गांधी के भाषण को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी रही। दूसरी ओर, राज्यसभा में पीएम मोदी के जवाब की उम्मीद के बीच मल्लिकार्जुन खड़गे और जेपी नड्डा के बीच तीखी बहस हुई।
लोकसभा में क्या हुआ?
• सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। राहुल गांधी के भाषण में पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नारवणे की अप्रकाशित किताब का जिक्र करने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ी आपत्ति जताई थी, जिसके बाद से लोकसभा लगातार ठप पड़ी हुई है। आज सुबह सदन शुरू हुआ, लेकिन शोर-शराबे के कारण दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
• सूत्रों के मुताबिक, सरकार दोनों सदनों में धन्यवाद प्रस्ताव एक ही दिन पारित कराने की योजना बना रही है। लोकसभा में बहस सामान्य रूप से शुरू नहीं होने पर भी प्रस्ताव पारित कर दिया गया।
• बजट पर चर्चा आज लोकसभा में शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन हंगामे के कारण अनिश्चितता बनी हुई है।
राज्यसभा में गरमागरम बहस
• राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने न देने का मुद्दा उठाया। खड़गे ने कहा, “लोकसभा के विपक्ष नेता को राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर बोलने नहीं दिया जा रहा। संसद का मतलब लोकसभा और राज्यसभा दोनों हैं। ऐसे कैसे सदन चल सकता है?”
• जवाब में भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कड़ी आपत्ति जताई। नड्डा ने कहा, “लोकसभा की कार्यवाही को राज्यसभा में नहीं उठाया जा सकता। विपक्ष ने सदन नहीं चलने दिया और अब लोकतंत्र खतरे में बताता है। मैं इस आरोप की कड़ी निंदा करता हूं।”
• नड्डा ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, “अपनी पार्टी को भी एक नासमझ बच्चे का बंधक न बनाएं। पार्टी के अंदर भी लोकतांत्रिक तरीके से काम करें।”
• संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी सांसदों से सदन के नियमों का पालन करने की अपील की और कहा कि ज्यादातर सदस्य पीएम मोदी का भाषण सुनना चाहते हैं।
विपक्ष और सत्तापक्ष के अन्य बयान
• भाजपा सांसद कंगना रनौत ने राहुल गांधी के शब्दों पर हमला बोला और कहा कि उनकी मानसिकता “सड़ांध भरी और भ्रष्ट” है।भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने स्पीकर के फैसले का सम्मान करने की बात कही और राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने नेहरू-गांधी परिवार पर 150 किताबों का हवाला देते हुए चर्चा की मांग की।
• कांग्रेस ने राहुल गांधी के ‘गद्दार’ वाले बयान का बचाव किया। कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि यह मजाक में कहा गया था और भाजपा इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है।
• इंडिया गठबंधन के फ्लोर लीडर्स की बैठक हुई, जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, सुप्रिया सुले समेत अन्य नेता मौजूद रहे। विपक्ष ने रणनीति बनाई कि राज्यसभा में भी पीएम से सवाल पूछे जाएंगे।
पृष्ठभूमि हंगामा की शुरुआत राहुल गांधी के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने जनरल नारवणे की किताब का जिक्र किया। सत्तापक्ष ने इसे अप्रकाशित किताब बताकर आपत्ति जताई, जबकि राहुल आज किताब लेकर सदन में आए। शिवसेना (उद्धव) की प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भाजपा को किताब उद्धृत करने की इजाजत है, लेकिन विपक्ष को नहीं।
सत्र में अब तक लोकसभा में व्यवधान के कारण महत्वपूर्ण चर्चाएं प्रभावित हो रही हैं। सरकार बजट चर्चा शुरू कराने की कोशिश कर रही है, लेकिन विपक्ष राष्ट्रीय मुद्दों पर बोलने की मांग कर रहा है। सदन की कार्यवाही आगे भी हंगामे की भेंट चढ़ सकती है।

