Pappu Yadav Arrest: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को पटना पुलिस ने शुक्रवार देर रात 1995 के पुराने धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें पहले IGIMS और फिर PMCH में भर्ती कराया गया। आज शनिवार को उनकी कोर्ट में पेशी होगी, जहां जमानत याचिका पर सुनवाई संभावित है। इस घटना ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है।
आधी रात का हाईवोल्टेज ड्रामा
पटना के मंदिरी स्थित आवास पर शुक्रवार रात करीब 12 बजे पुलिस की भारी टीम पहुंची। पटना सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह खुद ऑपरेशन की कमान संभाले हुए थे। घंटों चले ड्रामे के बाद पप्पू यादव को हिरासत में लिया गया। सांसद ने गिरफ्तारी का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सिविल ड्रेस में आई और वारंट नहीं दिखाया। उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए कहा, “यह मुझे मारने की साजिश है।”
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी कोर्ट के कुर्की-जब्ती वारंट पर हुई, क्योंकि सांसद बार-बार अदालती कार्रवाई में अनुपस्थित रहे। मामला गर्दनीबाग़ थाने में दर्ज 1995 का है, जिसमें आरोप है कि पप्पू यादव ने धोखे से एक संपत्ति किराए पर ली और बाद में उसे अपने कार्यालय के रूप में इस्तेमाल करने लगे।
स्वास्थ्य बिगड़ा, अस्पताल में शिफ्ट
गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मेडिकल जांच के लिए उन्हें पहले IGIMS ले जाया गया, लेकिन वहां बेड उपलब्ध न होने पर PMCH शिफ्ट कर दिया गया। पुलिस ने उनकी नियमित दवाएं साथ रखी हैं। उनकी लीगल टीम आज जमानत याचिका दाखिल करने की तैयारी में है। अगर कोर्ट राहत देती है तो रिहाई संभव है, अन्यथा जेल भेजे जा सकते हैं।
विपक्ष का हमला: ‘राजनीतिक बदला’
विपक्ष ने गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में न्याय मांगने पर पप्पू यादव को गिरफ्तार किया गया। यह जवाबदेही मांगने वाली आवाजों को दबाने की कोशिश है।” कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भी नीतीश कुमार सरकार पर हमला बोला है।
आराह में पप्पू यादव के समर्थकों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला फूंका और प्रदर्शन किया।
सत्ता पक्ष का जवाब: ‘कानून का पालन’
बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने गिरफ्तारी का बचाव करते हुए कहा, “कोर्ट के आदेश का पालन पुलिस का कर्तव्य है। नेता गिरफ्तार होते ही बीमार पड़ जाते हैं।” उन्होंने इसे कानूनी कार्रवाई बताया।
आगे क्या?
आज कोर्ट में पेशी के बाद मामला साफ होगा। पप्पू यादव पिछले कुछ समय से बिहार में कानून-व्यवस्था और NEET छात्रा की मौत जैसे मुद्दों पर सरकार को घेर रहे थे। उनकी गिरफ्तारी ने इन मुद्दों को और गरमा दिया है। बिहार की सियासत में अगले कुछ घंटे महत्वपूर्ण रहेंगे।

