मुख्यमंत्री ने मुंडका में 200 करोड़ के विकास कार्यों का किया शिलान्यास
New Delhi news मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को मुंडका विधानसभा में 200 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि ये तो अभी शुरूआत है और आने वाले 4 साल में दिल्ली देहात के हर गांव को पक्की सड़कों, मजबूत ड्रेनेज, स्वच्छ जल, आधुनिक स्कूलों और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पिछले एक साल में हमारी सरकार ने अंत्योदय के संकल्प के साथ ग्रामीण दिल्ली में सड़क, पानी, सीवरेज, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाओं को तेज गति से आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र वर्षों तक उपेक्षा का शिकार रहे, अब वहीं विकास की नई रेखा खींची जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से उपेक्षित पड़े दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड को फिर से सक्रिय कर 1000 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है, ताकि गांवों का विकास लगातार आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक वर्ष में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में ग्रामीण दिल्ली को विकसित दिल्ली की मजबूत नींव बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
इस अवसर पर भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया, कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा, दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड के अध्यक्ष राजकुमार चौहान, विधायक गजेंद्र दराल उपस्थित रहे।
दिल्ली के छह नए सीएएक्यूएमएस स्टेशनों ने डेटा देना शुरू किया : सिरसा

New Delhi news दिल्ली में छह नए सतत परिवेशीय वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली (सीएएक्यूएमएस) स्टेशनों ने डेटा देना शुरू कर दिया है। इसके साथ राजधानी में ऐसे स्टेशनों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है, जो देश में सबसे ज्यादा है।
इन स्टेशनों में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू), इसरो अर्थ स्टेशन (मलचा महल, सेंट्रल रिज के पास), दिल्ली कैंट, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी आॅफ टेक्नोलॉजी (वेस्ट कैंपस) शामिल हैं। इन सभी स्थानों से अब दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) की वेबसाइट पर लाइव डेटा देखा जा सकता है। अधिकारी इन स्टेशनों के प्रदर्शन पर लगातार नजर रखे हुए हैं और एक हफ्ते के भीतर इनका पूरा डेटा केंद्रीय पोल्युशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) नेटवर्क से जोड़ दिया जाएगा।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को एक प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि ये नए स्टेशन प्रदूषण के खिलाफ डेटा आधारित कार्रवाई को मजबूत करते हैं। लाइव डेटा से तुरंत और सही कदम उठाए जा सकते हैं। पीएम 2.5, पीएम 10 और अन्य प्रदूषकों के स्तर की हाइपर-लोकल जानकारी अब उपलब्ध रहेगी, जिससे ठोस और साक्ष्य आधारित कदम उठाए जा सकेंगे। दिल्ली में 30 स्टेशन डीपीसीसी के तहत संचालित हैं, जबकि कुछ स्टेशन आईएमडी/आईआईटीएम और सीपीसीबी के सहयोग से काम कर रहे हैं।
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