व्यापारियों के लिए खुशखबरी: सड़को पर माल वाहनों अब अधिकारी राकते नजर नही आयेगे, सचल दल व्यवस्था हुई समाप्त

नोएडा । उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, नोएडा इकाई ने राज्य कर विभाग द्वारा वर्षों से चली आ रही सचल दल व्यवस्था को समाप्त कर आयकर विभाग की तर्ज पर इंटेलिजेंस इनपुट आधारित कार्य प्रणाली लागू करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का स्वागत किया है। व्यापार मंडल ने इसे लंबे समय से चली आ रही प्रमुख मांग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। व्यापार मंडल का कहना है कि अब सड़कों पर वाहनों को रोककर कागजातों की जांच करने की पुरानी व्यवस्था के बजाय जीएसटी चोरी से जुड़े ठोस इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।

नरेश कुच्छल ने कहा
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के चेयरमैन नरेश कुच्छल ने कहा कि सचल दल व्यवस्था की आड़ में वर्षों से व्यापारियों के उत्पीड़न की शिकायतें मिलती रही हैं। इंटेलिजेंस आधारित प्रणाली लागू होने से ईमानदार व्यापारी सुरक्षित रहेंगे और वास्तविक जीएसटी चोरी पर ही प्रभावी कार्रवाई हो सकेगी। इससे कर व्यवस्था अधिक पारदर्शी और विश्वासपूर्ण बनेगी।
नोएडा इकाई के अध्यक्ष राम अवतार सिंह ने कहा कि राज्य कर विभाग का यह कदम व्यापार सुगमता की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। सड़कों पर वाहनों को रोककर जांच करने की पुरानी व्यवस्था से व्यापार बाधित होता था, जबकि नई प्रणाली से व्यापारियों का समय और सम्मान दोनों सुरक्षित रहेंगे।
वरिष्ठ महामंत्री मनोज भाटी ने कहा कि व्यापार मंडल लंबे समय से यह मांग करता आ रहा था कि कर चोरी रोकने के नाम पर ईमानदार व्यापारियों का उत्पीड़न बंद होना चाहिए। इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर कार्रवाई से जहां जीएसटी चोरी पर प्रभावी अंकुश लगेगा, वहीं राज्य कर विभाग की छवि भी बेहतर होगी।

विकास जैन बोलें
वही उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष विकास जैन ने कहा कि हम इस निर्णय से खुश है। आए दिन कर विभाग की टीम माल ले जा रहे वाहनों को रोककर उनका उत्पीड़न करती थी। अब व्यापारियों ने इच्छा जताई है कि राज्य सरकार और राज्य कर विभाग से अपेक्षा जताई कि नई व्यवस्था को शीघ्र प्रभावी रूप से लागू किया जाए तथा व्यापारियों के साथ संवाद और सहयोग की भावना को और अधिक मजबूत किया जाए।

 

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