घटना और पहले की शिकायतें
17-18 जनवरी की मध्यरात्रि कोहरे में युवराज की कार टूटी बाउंड्री वॉल तोड़कर निर्माणाधीन प्लॉट के 70 फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में गिर गई। युवराज ने पिता को फोन कर मदद मांगी और लोकेशन शेयर की, लेकिन रेस्क्यू में देरी से उनकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डूबने से asphyxia और कार्डियक अरेस्ट कारण बताया गया।
घटना से महीनों पहले (अगस्त 2025) निवासियों ने सांसद महेश शर्मा को पत्र लिखकर खराब सड़कें, अंधेरा, स्ट्रीट लाइट्स न होना और खुले नाले की शिकायत की थी। शर्मा ने इसे नोएडा अथॉरिटी को फॉरवर्ड किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सांसद ने इसे ‘दुखद और परेशान करने वाला’ बताया।
डीएम और प्रशासन की प्रतिक्रिया
गौतम बुद्ध नगर के जिलाधिकारी (डीएम) ने घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और अथॉरिटी को तत्काल बैरिकेडिंग, लाइटिंग और साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। जूनियर इंजीनियर को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। डीएम ने ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की है।
आम जनता और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
• निवासियों का गुस्सा: सेक्टर-150 की सोसाइटियों (समृद्धि लक्जुरिया एवेन्यू, टाटा यूरिका पार्क आदि) के लोग सड़कों पर उतर रहे है। उनका कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। एक डिलीवरी एजेंट ने बताया कि उसने रेस्क्यू ट्राई किया, लेकिन पानी ठंडा होने और गहराई के कारण नहीं उतर सका।
• परिवार का दर्द: युवराज के पिता ने कहा, “एक्सीडेंट ने नहीं, संस्थागत विफलता ने मेरे बेटे को मारा।” उन्होंने मुआवजे और न्याय की मांग की।
• राजनीतिक हमला: राहुल गांधी ने ट्वीट किया, “सड़कें और पानी मारते हैं, जवाबदेही कोई नहीं।” विपक्ष ने योगी सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया।
• अन्य कार्रवाई: फायर ब्रिगेड की देरी पर जांच, NDRF की पूर्व अधिकारी ने सुरक्षा गैप्स पर सवाल उठाए।
यह घटना नोएडा-ग्रेटर नोएडा की खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और लापरवाही पर बड़ा सवाल उठा रही है। SIT जांच से उम्मीद है कि दोषियों पर सख्त एक्शन होगा। मामले पर नजर रहेगी।

