नोएडा: सुनहरे भविष्य के सपने बुनते-बुनते मौत की गोद में सो गई महिला मजदूर; 18वीं मंजिल से गिरने से हुई दर्दनाक मौत

नोएडा, [23 फ़रवरी 2026]: कहते हैं इंसान शहर आता है अपनी और अपनों की किस्मत बदलने, लेकिन कभी-कभी इन गगनचुंबी इमारतों की चमक के पीछे कुछ ऐसी अंधेरी कहानियाँ छिपी होती हैं, जो रूह कंपा देती हैं। उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहाँ एक महिला मजदूर की ऊंची इमारत से गिरने के कारण मौत हो गई।

हादसे का मंजर: जब चीखों में बदल गई खामोशी

सेक्टर 43 स्थित एक निर्माणाधीन सोसाइटी में रोज़ की तरह काम चल रहा था। ईंट, गारे और सीमेंट के बीच अपनी दिहाड़ी पक्की करने के लिए सुखी सोरेन नामक महिला मजदूर 18वीं मंजिल पर काम कर रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह पूरी तन्मयता से काम में जुटी थी, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ा। कुछ ही सेकंड में वह हवा से बातें करती हुई सीधे ज़मीन पर आ गिरी।

वहाँ मौजूद अन्य मजदूरों की चीखें निकल गईं। आनन-फानन में उसे नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गिरने की तीव्रता इतनी अधिक थी कि महिला को संभलने का एक मौका भी नहीं मिला।

सपनों का महल और अधूरी कहानी

सुखी सोरेन यहाँ दूसरों के रहने के लिए आलीशान ‘आशियाना’ तैयार कर रही थी, लेकिन शायद उसे क्या पता था कि यही इमारत उसके जीवन का आखिरी पड़ाव साबित होगी। घर की आर्थिक स्थिति सुधारने और अपने बच्चों के लिए बेहतर भविष्य का सपना लेकर वह इस ऊंचाई पर काम करने का जोखिम उठा रही थी।

सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर निर्माण साइटों पर सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) की पोल खोल दी है:

  • क्या महिला ने सेफ्टी बेल्ट पहनी थी?
  • क्या 18वीं मंजिल जैसे ऊंचे स्थानों पर सेफ्टी नेट (सुरक्षा जाल) लगाया गया था?
  • क्या साइट सुपरवाइजर ने काम शुरू करने से पहले सुरक्षा जाँच की थी?

पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की गहनता से जाँच कर रहे हैं। यदि निर्माण कंपनी की ओर से लापरवाही पाई गई, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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