नोएडा कमिश्नरेट पुलिस ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में शिकायतों के प्रभावी निस्तारण के मामले में शीर्ष स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री जनसुनवाई प्रणाली (आईजीआरएस) पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण के कारण नोएडा पुलिस को यह उपलब्धि मिली है। इस सफलता के पीछे पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह की सख्त मॉनिटरिंग, स्पष्ट दिशा-निर्देश और जवाबदेही तय करने की नीति को अहम माना जा रहा है। पुलिस शिकायते मिलने पर तुरंत कार्रवाई करती है।
आईजीआरएस पोर्टल आती है शिकयतें
आईजीआरएस पोर्टल पर जैसे ही किसी नागरिक की शिकायत दर्ज होती है, वह सीधे संबंधित विभाग और जिले के उच्चाधिकारियों तक पहुंच जाती है। नोएडा पुलिस में शिकायत मिलते ही उसे संबंधित थाने या शाखा को समयबद्ध तरीके से अग्रसारित किया जाता है। पुलिस कमिश्नर स्तर पर शिकायतों की नियमित समीक्षा होती है, जिससे किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं रहती।
तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश
शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित थाना प्रभारी या अधिकारी को तय समय-सीमा में मौके पर जांच करने, शिकायतकर्ता से संपर्क करने और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाते हैं। जांच की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट किया जाता है, ताकि शिकायतकर्ता स्वयं भी यह देख सके कि उसकी शिकायत पर क्या प्रगति हुई है। यदि मामला जटिल होता है तो वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सीधे हस्तक्षेप कर निस्तारण सुनिश्चित किया जाता है।
नोएडा पुलिस की कार्यप्रणाली में यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि केवल औपचारिक जवाब देकर शिकायत बंद न की जाए, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए। इसी कारण फीडबैक के स्तर पर भी नोएडा पुलिस को बेहतर रेटिंग मिलती है। लापरवाही या गलत निस्तारण पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय कर कार्रवाई भी की जाती है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह की सख्ती आयी काम
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में डिजिटल मॉनिटरिंग, नियमित समीक्षा बैठकों और फील्ड स्तर पर सख्त अनुपालन ने नोएडा पुलिस को आईजीआरएस पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाली इकाइयों में शामिल किया है। यही वजह है कि शिकायत निस्तारण में पारदर्शिता, गति और गुणवत्ता के मानकों पर खरा उतरते हुए नोएडा पुलिस एक बार फिर पूरे प्रदेश में अव्वल साबित हुई है।

