Noida Breaking News: अरुण विहार के अधिकतर घरों में अवैध निर्माण, 400 को प्राधिकरण ने भेजे नोटिस

Noida Breaking News:  नोएडा में सेक्टर-28, 29 और 37 में अरुण विहार अपार्टमेंट्स बने हैं जहाँ प्राधिकरण के सर्वे में ज्यादातर फ्लैटों में अवैध निर्माण और अतिक्रमण मिला है। दरअसल, हाईकोर्ट के आदेश पर नोएडा प्राधिकरण की ओर से कराए गए सर्वे में ज्यादार घरों और फ्लैटों में अतिक्रमण-अवैध निर्माण सामने आया है। प्राधिकरण ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है। अब तक प्राधिकरण ने करीब 400 मकान, फ्लैटों को ग्रुप हाउसिंग विभाग की तरफ से नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें अवैध निर्माण व अतिक्रमण हटाने के लिए अलग-अलग समय दिया गया है। इसके साथ ही जवाब भी मांगा गया है। फिलहाल नोटिस जारी होने की कार्रवाई जारी रहेगी।

हाईकोर्ट के आदेश पर नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-28, 29, 37 में घर-घर सर्वे के बाद की कार्रवाई

बता दें कि अब तक प्राधिकरण की टीमें करीब 3000 घरों में पहुंची जिनमें से 2700 में अतिक्रमण व अवैध निर्माण मिला। प्राधिकरण के रिकॉर्ड में यहां मकान व फ्लैट 4752 हैं। इनमें कई घर बंद मिले जिनमें दोबारा प्राधिकरण की टीम जाएगी। यह रिपोर्ट प्राधिकरण रिकॉर्ड में रखेगा। सर्वे 5 सदस्यीय टीम ने किया। इसमें नोएडा प्राधिकरण से प्लानिंग विभाग, ग्रुप हाउसिंग, पुलिस व वर्क सर्कल-2 का जेई व एई शामिल रहे।

सन 1980 में बसे थे तीनों सेक्टर
मालूम हो कि अरुण विहार के तीनों सेक्टरों को बसाने की शुरुआत 1980 से हुई थी। इनकी पहचान खासतौर पर सैन्य सेवा से जुड़े परिवारों के बसने से है। यहां पर अलग-अलग श्रेणी में मकान, फ्लैट बने हैं। इनमें भूतल व दो मंजिल, भूतल व एक मंजिल व एक मंजिल के मकान शामिल हैं। सभी मकान व फ्लैटों की संख्या 4,752 है। प्राधिकरण के नियम के मुताबिक मूल नक्शे से अलग एक ग्रिल भी अवैध निर्माण व अतिक्रमण चिह्नित होने के बाद अगर नोएडा प्राधिकरण से अगर धारा-10 की कार्रवाई होती है तो इनके आवंटियों को संपत्ति बेच पाना मुश्किल होगा। इसके साथ ही बैंक लोन भी नहीं मिल पाएगा। कारण प्राधिकरण नामांतरण और बैंक लोन की मंजूरी अतिक्रमण व अवैध निर्माण पर धारा 10 की नोटिस होने पर नहीं देता है।

 

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