Noida Authority demolitions action: नोएडा प्राधिकरण अधिसूचित क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने की बजाय प्राधिकरण मूकदर्शक बनकर बैठा है। प्राधिकरण की नींद उस वक्त टूटती है जब किसी भी क्षेत्र में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उसे बसा दिया जाता है। सेक्टर 104 हाजीपुर, सलारपुर और भंगेल में प्राधिकरण के अधिसूचित फ्लैटों का निर्माण हो रहा है। उन्हें रोकने की बजाय प्राधिकरण अफसरों की कुछ और ही दिखाई देती है।
अफसरों ने अपने बचाव के लिए जेई को बनाया बलि का बकरा
नोएडा प्राधिकरण में अफसर बेहद चालाक है। उनको मालूम है कि जब निर्माण कार्य हो जाएगा और जवाबदेही की बारी आएगी उन्हें पाक साफ निकलना है, तो ऐसे में उन्होंने संविदा ऊपर रखें जेई को ही बलि का बकरा बना दिया। सवाल ये है कि वर्क सर्किल में या प्राधिकरण में केवल जेई ही है जो अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार है? वरीष्ठ प्रबंधक को नोटिस जारी किया गया है। कई मामलों में प्राधिकरण की ओर से एफआइआर भी कराई गई है लेकिन एफआइआर कराने के बाद प्राधिकरण के अधिकारी शांत बैठ जाते हैं। उसमें क्या कार्रवाई पुलिस कर रही है शायद ही खबर ली जाती हो।
यहा हुई बुलडोजर से तोड़फोड़
बता दें कि सेक्टर-128 शाहपुर गोवर्धन गांव में हो रहे अवैध निर्माण पर प्राधिकरण का पीला पंजा चला। हालांकि किसान यूनियन मंच के पदाधिकारियों व निर्माण करने वालों ने प्राधिकरण के इंजीनियर को घेर लिया। उन्होंने हंगामा करते हुए कहा, बिना नोटिस के निर्माण तोड़ा जा रहा है। यही नहीं जेई को भी घेर लिया। हंगामा बढ़ने पर सूचना पर सेक्टर-126 थाने की पुलिस पहुंच गई। प्राधिकरण की टीम को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं, किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने प्राधिकरण के जेई व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की।
क्या कहते है प्राधिकरण के अफसर
नोएडा प्राधिकरण के अफसरों का कहना है कि जिस जमीन पर निर्माण हो रहा था वह प्राधिकरण की अर्जित जमीन है। इसलिए उस पर होने वाला कोई भी निर्माण अवैध होगा।
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