नोएडा प्राधिकरण और वेव ग्रुप के बीच समझौते से सुलझेगा मामला
Noida Authority: नोएडा: सेक्टर-25ए और 32ए में वेव ग्रुप और नोएडा प्राधिकरण के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद आखिरकार सुलझने की कगार पर है। प्राधिकरण ने बिल्डर को प्रस्ताव भेज दिया है, जिसमें उनकी पूर्व में जमा धनराशि को समायोजित करने के लिए 10,000 वर्ग मीटर जमीन छोड़ने की पेशकश की गई है। इस फैसले के तहत, यदि बिल्डर अतिरिक्त भुगतान करता है, तो उसे 98,000 वर्ग मीटर भूमि खरीदने का विकल्प भी मिलेगा।
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विवाद निपटने से होगा बड़े पैमाने पर विकास
यह समझौता होने के बाद सेक्टर-25ए और 32ए में लंबे समय से रुका हुआ विकास कार्य फिर से गति पकड़ेगा। नोएडा प्राधिकरण की योजना है कि इस क्षेत्र में बड़े वाणिज्यिक प्लॉट की स्कीम लाई जाए, जिससे यहां पर अत्याधुनिक मॉल और होटल बनाए जा सकें। यह परियोजना क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी और निवेशकों के लिए नए अवसर खोलेगी।
परियोजना की पृष्ठभूमि और विवाद का समाधान
नोएडा प्राधिकरण ने 11 मार्च 2011 को वेव मेगा सिटी सेंटर प्राइवेट लिमिटेड को सेक्टर-25ए और 32ए में 6.18 लाख वर्ग मीटर जमीन आवंटित की थी, जिसकी रजिस्ट्री 2 सितंबर 2011 को हुई थी। हालांकि, परियोजना की धीमी प्रगति और बकाया राशि न चुकाने के कारण प्राधिकरण ने 15 दिसंबर 2016 को प्रोजेक्ट सेटलमेंट पॉलिसी लागू की थी।
10 जनवरी 2017 को वेव ग्रुप ने इस नीति के तहत 1.64 लाख वर्ग मीटर जमीन सरेंडर कर दी थी, जबकि उस समय तक बिल्डर ने 1469.74 करोड़ रुपये जमा कर दिए थे। इसके बावजूद, बिल्डर पर 603.49 करोड़ रुपये की बकाया राशि शेष रह गई थी। 2021 में नोएडा प्राधिकरण ने 1.08 लाख वर्ग मीटर जमीन का आवंटन निरस्त कर दिया, जिसके खिलाफ बिल्डर ने शासन में अपील की। शासन ने बिल्डर का पक्ष सुनने के बाद भूमि आवंटन बहाल करने का निर्देश दिया।
समझौते से खुलेगा विकास का रास्ता
अक्तूबर 2023 में नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में नए सिरे से बकाए की गणना करने और शासन को मामला संदर्भित करने का निर्णय लिया गया था। शासन के निर्देश के बाद, विवाद का यह समाधान निकला है। इस समझौते के तहत वेव ग्रुप को जमीन दिए जाने के बावजूद, प्राधिकरण के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध रहेगी, जिसका उपयोग आगे के विकास कार्यों के लिए किया जाएगा।
बड़े वाणिज्यिक प्रोजेक्ट्स की उम्मीद
इस विवाद के सुलझने से सेक्टर-25ए और 32ए में व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित योजनाओं के तहत इस क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। होटल, मॉल और अन्य वाणिज्यिक परिसरों के निर्माण से यह क्षेत्र एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र के रूप में उभरेगा।
नोएडा प्राधिकरण और वेव ग्रुप के बीच हुए इस समझौते से क्षेत्र में विकास को नई दिशा मिलेगी। लंबे समय से अटकी परियोजनाएं अब रफ्तार पकड़ेंगी, जिससे निवेशकों और व्यवसायिक संस्थानों को फायदा होगा। आने वाले समय में यह क्षेत्र एक प्रमुख व्यवसायिक हब के रूप में विकसित होगा।