New Delhi news रेल परिचालन को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाए रखने के लिए उत्तर रेलवे ने रात्रिकालीन निरीक्षण अभियान को तेज किया है। इसका असर यह रहा कि केवल दिसंबर 2025 में ही वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा 618 से अधिक रात्रिकालीन निरीक्षण किए गए। उत्तर रेलवे के अनुसार रात्रिकालीन निरीक्षण उसकी नियमित मॉनिटरिंग व्यवस्था का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, भरोसेमंद और निर्बाध रेल सेवा देना है।
उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि ये निरीक्षण किसी औपचारिकता का हिस्सा नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की ठोस रणनीति हैं। रात 12 बजे से सुबह 4 बजे के बीच किए जाने वाले औचक निरीक्षणों से रेल परिचालन की वास्तविक स्थिति सामने आती है और यह आकलन होता है कि स्टाफ कितनी सतर्कता से अपने दायित्व निभा रहा है।
मंडलवार निरीक्षण का विवरण
दिसंबर में किए गए निरीक्षणों में उत्तर रेलवे मुख्यालय में 48, दिल्ली मंडल में 93, लखनऊ मंडल में 131, फिरोजपुर मंडल में सर्वाधिक 190, जम्मू मंडल में 23 और मुरादाबाद मंडल में 131 निरीक्षण शामिल हैं। इन दौरान बड़े स्टेशनों के साथ-साथ ट्रैक, यार्ड और विभिन्न ऑपरेशनल इंस्टॉलेशन की बारीकी से जांच की गई।
कोहरे में सुरक्षा पर विशेष फोकस
निरीक्षण अभियान के दौरान सिग्नलिंग सिस्टम, इंटरलॉकिंग व्यवस्था, ट्रैक इंफ्रास्ट्रक्चर, लेवल क्रॉसिंग और यार्ड की स्थिति की समीक्षा की गई। कोहरे के मौसम को ध्यान में रखते हुए सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता, कार्यक्षमता और आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी पर खास जोर दिया गया।
कर्मचारियों से संवाद और सुधारात्मक निर्देश
निरीक्षण के दौरान जहां भी कमियां मिलीं, वहां तत्काल सुधारात्मक सुझाव दिए गए। अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से सीधे संवाद कर समयपालन, सजगता और सुरक्षा नियमों के सख्त पालन के निर्देश दिए।

