New talent, timeless art: मलयालम सिनेमा के नए दौर के अभिनेता और उनकी विरासत

New talent, timeless art: मलयालम सिनेमा पिछले कुछ वर्षों से न केवल केरल बल्कि पूरे भारत और वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। मोहनलाल, मम्मूट्टी, फहाद फासिल और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे दिग्गजों की विरासत को अब नई पीढ़ी के अभिनेता आगे बढ़ा रहे हैं। नस्लेन के. गफूर, कल्याणी प्रियदर्शन और बेसिल जोसेफ जैसे युवा कलाकार बड़े प्रोजेक्ट्स में मुख्य भूमिकाएं निभा रहे हैं, जो सिनेमा की जड़ों को बनाए रखते हुए नए प्रयोग और व्यावसायिक महत्वाकांक्षा दिखा रहे हैं।

‘प्रेमालु’ की सफलता के बाद नस्लेन के. गफूर तेजी से उभरते सितारे बन गए हैं। हाल ही में रिलीज हुई ‘लोकः चैप्टर 1: चंद्रा’ मलयालम सिनेमा की अब तक की सबसे बड़ी हिट्स में से एक बनी, जिसमें नस्लेन और कल्याणी प्रियदर्शन मुख्य भूमिकाओं में थे। इस फिल्म ने वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर 300 करोड़ के करीब कमाई की है। नस्लेन के आने वाले प्रोजेक्ट्स में ‘प्रेमालु 2’, ‘टिकी टाका’, ‘सूर्या 47’ (तमिल पैन-इंडिया फिल्म), ‘मॉलीवुड टाइम्स’ और ‘टॉरपीडो’ शामिल हैं, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा और बड़े स्केल की महत्वाकांक्षा दिखाते हैं।

कल्याणी प्रियदर्शन भी इस नई लहर की प्रमुख चेहरे हैं। ‘लोकः’ की सफलता के बाद वे महिला-केंद्रित कहानियों और बड़े प्रोडक्शन की ओर बढ़ रही हैं। हाल ही में खबर आई कि वे रणवीर सिंह के साथ एक जॉम्बी थ्रिलर ‘प्रलय’ में जोड़ी बना सकती हैं। इसके अलावा चेन्नई में पोटेंशियल स्टूडियोज की नई फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी है, जिसमें वे मुख्य भूमिका में हैं। कल्याणी दक्षिण की विभिन्न इंडस्ट्रीज में सक्रिय हैं और युवा दर्शकों से गहरा जुड़ाव रखती हैं।
बेसिल जोसेफ निर्देशक से अभिनेता-निर्माता की भूमिका में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उनकी आने वाली फिल्म ‘अथिरादी’ में टोविनो थॉमस और विनीत श्रीनिवासन के साथ मुख्य भूमिका है, जो ओणम 2026 या मई 2026 में रिलीज होगी। बेसिल की फिल्में हमेशा कुछ नया प्रयोग करती हैं और युवा पीढ़ी की सोच को प्रतिबिंबित करती हैं।

मनोरंजन उद्योग ट्रैकर रमेश बाला का कहना है कि 18-34 आयु वर्ग के दर्शक आज थिएटर जाते हैं और नस्लेन, कल्याणी जैसे अभिनेता ठीक उसी पीढ़ी से जुड़ते हैं। लेखक आज की सामाजिक वास्तविकताओं के अनुसार स्क्रिप्ट लिख रहे हैं, जिससे तमिल और हिंदी दर्शक भी मलयालम कहानियों से जुड़ रहे हैं।

अभिनेता उन्नी मुकुंदन, जो हाल ही में ‘मार्को’ और नेशनल अवॉर्ड विजेता ‘मेप्पड़ियान’ से चर्चा में हैं, कहते हैं, “मलयालम सिनेमा पिछले 14 सालों से शानदार दौर में है। कला और व्यापार के बीच संतुलन बनाए रखना हमारी ताकत है। नई पीढ़ी के साथ होना बड़ी जिम्मेदारी है।”

2026 में मलयालम सिनेमा और बड़ा होने वाला है। ‘दृश्यम 3’, ‘पैट्रियट’, दुलक्वर सालमान की वापसी वाली फिल्में और युवा कलाकारों के प्रोजेक्ट्स लाइन में हैं। यह नई पीढ़ी न केवल विरासत संभाल रही है बल्कि मलयालम सिनेमा को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है।

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