New revelations in the Epstein Files: इजराइल जासूसी के दावे तेज, भारत में मोदी-अंबानी सहित कई नामों का जिक्र – डॉ. एपी सिंह ने मांगी अंतरराष्ट्रीय जांच

New revelations in the Epstein Files: अमेरिकी सेक्स ट्रैफिकर जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों की 2026 की नई रिलीज ने दुनिया भर में हड़कंप मचा दिया है। जनवरी में अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने 30 लाख से अधिक पन्ने, 1.80 लाख तस्वीरें और 2000 वीडियोज जारी किए, जिनमें प्रभावशाली लोगों के नाम और इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद से कनेक्शन के दावे शामिल हैं।

नई फाइल्स में एलन मस्क, मार्क जुकरबर्ग, डोनाल्ड ट्रंप, बिल क्लिंटन, ब्रिटेन के प्रिंस एंड्र्यू और पूर्व राजदूत पीटर मैंडेलसन सहित कई हाई-प्रोफाइल नाम हैं। FBI दस्तावेजों में एपस्टीन को मोसाद एजेंट बताने वाले गोपनीय सोर्स के बयान भी हैं। एपस्टीन ने इजराइल डिफेंस फोर्सेज और सेटलमेंट ग्रुप्स को फंडिंग दी थी। इजराइल ने इन दावों को खारिज किया है।

भारत का संभावित कनेक्शन
फाइल्स में भारतीय नाम भी उभरे हैं। एक ईमेल में एपस्टीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2017 इजराइल विजिट का जिक्र किया, जिसे वे अमेरिकी हितों से जोड़ते हैं। अन्य नामों में अनिल अंबानी, हरदीप सिंह पुरी, अनुराग कश्यप, मीरा नायर, नंदिता दास और दीपक चोपड़ा शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने मोदी के जिक्र को “दोषी अपराधी की बकवास” बताकर खारिज कर दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि ये सिर्फ मेंशन हैं, अपराधों में संलिप्तता का कोई सबूत नहीं मिला।

डॉ. एपी सिंह की राय
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील डॉ. एपी सिंह ने एक चर्चा में कहा कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय है और इसमें मासूम बच्चियों का यौन शोषण शामिल है। उन्होंने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) या संयुक्त राष्ट्र से स्वत: संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच की मांग की। डॉ. सिंह ने संदेह जताया कि अमेरिका फाइलें किश्तों में जारी कर ब्लैकमेलिंग जारी रखना चाहता है। भारत में ऐसी संलिप्तता साबित हुई तो POCSO एक्ट के तहत फांसी तक की सजा हो सकती है। उन्होंने मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड का उदाहरण दिया, जहां प्रभावशाली लोग सजा पा चुके हैं।

डॉ. सिंह ने न्यायपालिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि कभी-कभी यह “मकड़जाल” जैसी हो जाती है – छोटे फंस जाते हैं, बड़े निकल जाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि सच्चाई सामने आनी चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय ब्लैकमेलिंग रुके। ये खुलासे वैश्विक स्तर पर बहस छेड़ रहे हैं। कई देशों में राजनीतिक संकट गहराया है, लेकिन भारत में अभी बड़े आरोप साबित नहीं हुए। जांच जारी है और आगे और फाइलें आने की उम्मीद है।
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