नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानें शुरू होने से पहले ही एक नई अड़चन सामने आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 मार्च को एयरपोर्ट के लोकार्पण के बाद उम्मीद थी कि जल्द ही यहां से उड़ानें शुरू हो जाएंगी, लेकिन एयरपोर्ट संचालक कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (यापल) के सीईओ की विदेशी नागरिकता इस राह में बड़ी बाधा बन गई है। इस पेच को सुलझाने में अब प्रदेश सरकार, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) और यापल तीनों जुटे हैं।
क्या है पूरा मामला?
यापल के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन स्विस नागरिक हैं। हालांकि वे भारत में गोल्डन कार्ड धारक भी हैं, लेकिन गृह मंत्रालय के नियमों के अनुसार एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील प्रतिष्ठानों में सुरक्षा जैसे अहम मामलों में निर्णय लेने की जिम्मेदारी किसी विदेशी नागरिक को नहीं दी जा सकती। यापल में सुरक्षा कॉर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी सीईओ के पद से जुड़ी हुई है, यही मामले की जड़ है।
लाइसेंस मिला, पर सिक्योरिटी प्लान अटका
6 मार्च 2026 को डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया था। इसके ठीक दो दिन बाद 8 मार्च को यापल ने ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सेफ्टी (बीसीएएस) को एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्लान (एएसपी) भेज दिया। बीसीएएस ने हाल ही में इस प्लान का आकलन शुरू किया, लेकिन आकलन के दौरान ही सीईओ की विदेशी नागरिकता का मुद्दा उठ गया।
बीसीएएस ने पाया कि यापल अगले 40 वर्षों तक एयरपोर्ट का संचालन करेगी और कंपनी के सीईओ के पास सुरक्षा समन्वयक की भी जिम्मेदारी है। गृह मंत्रालय के नियमों के तहत यह व्यवस्था स्वीकार्य नहीं है, इसलिए बीसीएएस की अनुमति रुकी हुई है और एएसपी का अनुमोदन अधर में लटक गया है।
लोकार्पण के बाद भी उड़ान का इंतजार
28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर एयरपोर्ट का भव्य लोकार्पण किया था, जिसे देश के सबसे बड़े और आधुनिक हवाई अड्डों में से एक बताया जा रहा है। लोकार्पण के बाद पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही यहां से उड़ानें शुरू होंगी। लेकिन सिक्योरिटी प्लान की मंजूरी अटकने से यह सपना फिलहाल अधूरा है।
हल निकालने में जुटे तीनों पक्ष
इस समस्या के समाधान के लिए प्रदेश सरकार, नायल और यापल मिलकर रास्ता खोज रहे हैं। माना जा रहा है कि सुरक्षा समन्वयक की जिम्मेदारी किसी भारतीय नागरिक अधिकारी को सौंपकर इस अड़चन को दूर किया जा सकता है। हालांकि इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
एसीईओ शैलेंद्र भाटिया का बयान
नायल के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्लान (एएसपी) को बीसीएएस के अनुमोदन के बाद ही एयरपोर्ट पर सेवाएं देने वाले वेंडर्स और खुद एयरलाइंस अपने स्टाफ के लिए एयरपोर्ट एंट्री पास के लिए आवेदन कर सकती है। एयरपोर्ट पर सभी जरूरी स्टाफ के लिए एंट्री पास बीसीएएस ही जारी करेगा। इन पास को जारी करने के लिए पहले एएसपी को अनुमोदन जरूरी है। एएसपी जारी होने के बाद ही अगले चार से छह हफ्तों में उड़ान भी शुरू हो सकेंगी। ऐसा जरूरी स्टाफ की तैनाती और प्रवेश के लिए अनुमति में देरी होने की वजह से होगा।

