Noida News: नोएडा एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन (NEA) का इतिहास नोएडा के औद्योगिक विकास से गहराई से जुड़ा रहा है। संगठन की स्थापना 4 मई 1978 को हुई थी। उसके बाद से अब तक एनईए की कमान कई वरिष्ठ उद्यमियों ने संभाली, जिन्होंने अलग-अलग दौर में उद्योगों की समस्याओं को मजबूती से उठाया। विपिन मल्हन से पहले एनईए के अध्यक्ष रहे प्रमुख नामों में राकेश कत्याल, सुभाष चुग, एमजेड खान, योगेश अंनद शामिल रहे हैं। इन अध्यक्षों के कार्यकाल में औद्योगिक भूखंडों से जुड़े मुद्दे, बिजली-पानी की आपूर्ति, सड़क व सीवर जैसी बुनियादी सुविधाएं, श्रम कानून और नोएडा प्राधिकरण से समन्वय जैसे विषयों पर लगातार संघर्ष और संवाद किया गया, जिससे एनईए की पहचान एक प्रभावशाली औद्योगिक संगठन के रूप में बनी।
एनईए के इतिहास में विपिन मल्हन का विशेष नाम
एनईए के इतिहास में विपिन मल्हन का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जो अब तक छह बार अध्यक्ष चुने जा चुके हैं। उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में औद्योगिक सेक्टरों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर कराने के लिए प्राधिकरण पर दबाव, उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नियमित बैठक व्यवस्था, एमएसएमई सेक्टर को राहत दिलाने हेतु नीतिगत सुझाव, कोविड काल में उद्योगों के हित में सरकार तक मांगें पहुंचाना, निवेश के अनुकूल माहौल बनाने के प्रयास और एनईए की सदस्यता व प्रभाव को मजबूत करना शामिल है। इसके अलावा प्राधिकरण के उद्योगों के विरुद्ध नीति का विरोध करते हुए सीईओ से लेकर लखनऊ तक आवाज बुलंद करना शामिल है।
एनईए को मिली मजबूत पहचान
छह बार अध्यक्ष चुना जाना विपिन मल्हन पर उद्यमियों के भरोसे को दर्शाता है। उनके नेतृत्व में एनईए ने स्थानीय ही नहीं, बल्कि प्रदेश स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाई। पूर्व अध्यक्षों की नींव और विपिन मल्हन के लंबे कार्यकाल की उपलब्धियों के साथ एनईए आज नोएडा के उद्यमियों की एक सशक्त और संगठित आवाज बन चुका है।

