New Delhi news दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ईआर-II) ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय साइकोट्रॉपिक ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहित गुप्ता (35) निवासी दरियापुर बुलंदशहर, शमीम (30) निवासी गांव धोरनपुर, बदायूं और राजीव शर्मा (53) निवासी बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश, के रूप में हुई है। उनके कब्जे से 31 किलो अल्प्राजोलम टैबलेट (करीब 3 लाख गोलियां), ‘अल्प्राजोलम’ छपा 11 किलो एल्युमिनियम फॉयल रोल, 25 किलो पीवीसी शीट रोल, बैच नंबर व एक्सपायरी डेट वाले 20 रबर स्टैम्प और एक कार बरामद की गई।
डीसीपी विक्रम सिंह ने शनिवार को बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एनसीआर में ड्रग पेडलर्स की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही थी। इसी क्रम में पुलिस गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए नंद नगरी बस डिपो के पास एक ग्लैंजा कार में सवार दो आरोपियों को रोका। तलाशी लेने पर कार से भारी मात्रा में अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने तीसरे आरोपी और कार के मालिक मोहित गुप्ता को भी गिरफ्तार किया। मोहित की ‘राणा मेडिकल फर्म’ नाम से कंपनी चलता है, जिसके जरिए इन नशीली गोलियों को स्थानीय दवा दुकानों तक पहुंचाया जाता था।
हिमाचल से जुड़े हैं तार
डीसीपी के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के परवाणू इलाके में अवैध रूप से अल्प्राजोलम की गोलियां बनाई जाती थीं। इसके बाद इन्हें उत्तर प्रदेश और एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया जाता था। यह एक संगठित रैकेट था जो कई राज्यों में फैला हुआ था।
क्राइम ब्रांच थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

