एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के एफडीए मंत्री नरहरी जिरवाल ने पीटीआई से कहा, “जनता चाहती है कि वहिनी (सुनेत्रा पवार) को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए।” सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और सुनील तटकरे जैसे वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा पवार से अलग-अलग मुलाकातें की हैं। इन बैठकों में पार्टी की कमान सुनेत्रा को सौंपने और उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाने पर सहमति बनी है।
सहानुभूति और राजनीतिक प्रोफाइल मजबूत
सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। वे महिला अधिकार, पर्यावरण और शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय रही हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अजित पवार की मौत के बाद सहानुभूति लहर उनके पक्ष में है और उनका राजनीतिक प्रोफाइल अन्य नेताओं से मजबूत है। वे बारामती सीट से चुनाव लड़कर विधानसभा में प्रवेश कर सकती हैं, जिससे पार्टी की कमान मजबूत होगी।
एनसीपी (एसपी) से विलय की चर्चा बाद में
सूत्रों ने बताया कि प्रफुल्ल पटेल अंतरिम दौर में पार्टी की कमान संभाल सकते हैं। अजित पवार की मौत से पहले ही वे शरद पवार गुट (एनसीपी-एसपी) से विलय की बात कर रहे थे। अब यह चर्चा बाद के चरण में होगी। महायुति गठबंधन (बीजेपी, शिवसेना-शिंदे और एनसीपी) में एनसीपी की भूमिका मजबूत रखने के लिए सुनेत्रा को आगे लाने की रणनीति है।
सियासी हलचल तेज
एनसीपी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलकर प्रस्ताव पर चर्चा करेगा। शिवसेना (शिंदे) और बीजेपी के कुछ नेताओं ने भी सुनेत्रा पवार के नाम पर सहमति जताई है। विपक्षी एनसीपी (एसपी) और कांग्रेस ने इसे ‘परिवारवाद’ करार दिया है, लेकिन सहानुभूति के कारण फिलहाल हमला नहीं कर रहे।
अजित पवार की मौत से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा ख़ालीपन आया है। सुनेत्रा पवार का आगे आना पार्टी को नई दिशा दे सकता है। प्रस्ताव पर अंतिम फैसला जल्द होने की उम्मीद है। मामले पर सभी की नजरें टिकी हैं।

