पीड़िता ने FIR में बताया कि 16 दिसंबर को प्रैक्टिस के बाद कोच ने प्रदर्शन पर चर्चा के बहाने उसे रोका। होटल के कमरे में ले जाकर “पीठ दबाने” (let me crack your back) का बहाना बनाया और विरोध करने पर करियर बर्बाद करने की धमकी दी। पीड़िता ने विरोध किया, लेकिन कथित तौर पर उसका यौन उत्पीड़न किया गया। वह सदमे में थी और 1 जनवरी को मां से लगातार पूछताछ पर सारा मामला बताया।
हरियाणा पुलिस ने अंकुश भारद्वाज (मोहाली निवासी) के खिलाफ POCSO एक्ट की धारा 6 (अग्रेवेटेड सेक्शुअल असॉल्ट) और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की है। मामले की जांच जारी है।
एनआरएआई की त्वरित कार्रवाई नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने आरोप लगते ही अंकुश भारद्वाज को निलंबित कर दिया। NRAI सचिव राजीव भाटिया ने कहा, “हमने उसे नैतिक आधार पर सस्पेंड किया है। जांच पूरी होने तक वह किसी कोचिंग गतिविधि से जुड़ा नहीं रहेगा। शो-कॉज नोटिस जारी किया जाएगा। वह खुद को बेकसूर साबित करने के लिए जवाब देगा।”
भाटिया ने बताया कि पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद NRAI की सिफारिश पर ही SAI (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने भारद्वाज को 37 सदस्यीय कोचिंग टीम में शामिल किया था।
आरोपी का बैकग्राउंड
अंकुश भारद्वाज पूर्व पिस्टल निशानेबाज हैं और राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड मेडल विजेता रह चुके हैं। हालांकि, 2010 में प्रतिस्पर्धी दिनों में बीटा-ब्लॉकर डोपिंग के लिए उन पर बैन लगा था। पीड़िता अगस्त 2025 से उनके साथ ट्रेनिंग कर रही थी।
यह मामला भारतीय खेल जगत में सुरक्षा और कोच-खिलाड़ी संबंधों पर फिर सवाल उठा रहा है। जांच एजेंसियां और NRAI की आंतरिक जांच चल रही है। मामले पर आगे की अपडेट का इंतजार है।

