बीएमसी मुख्यालय में आयोजित चुनाव प्रक्रिया में विपक्षी दल शिवसेना (उद्धव गुट), कांग्रेस आदि ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा, जिससे महायुती के उम्मीदवारों का निर्विरोध चयन हुआ। रितू तावडे मुंबई की आठवीं महिला महापौर बनीं, जबकि यह पद अंतिम बार 1980 के दशक में भाजपा के पास था। इस अवसर पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, भाजपा मुंबई अध्यक्ष अमित साटम और अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। सभागृह में ‘मोदी-मोदी’ के नारे भी गूंजे। नवनिर्वाचित महापौर और उपमहापौर को बधाई देते हुए नेताओं ने मुंबई के सर्वांगीण विकास का संकल्प दोहराया।
रितू तावडे कौन हैं?
घाटकोपर से दो बार की पार्षद रितू तावडे ने कांग्रेस से राजनीति शुरू की और 2012 में भाजपा जॉइन की। वे बीएमसी की शिक्षा समिति की पूर्व अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। महापौर बनने के बाद उन्होंने अवैध अतिक्रमण, मराठी भाषा का प्रचार और शहर की आधारभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने का वादा किया है।
जनवरी 2026 में हुए बीएमसी चुनावों में भाजपा नीत महायुती गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया था, जिसने शिवसेना के लंबे प्रभुत्व को समाप्त कर दिया। मुंबई की जनता ने बदलाव को स्वीकार किया और पारदर्शी प्रशासन की उम्मीद जताई है। यह नया अध्याय मुंबई के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

