सलारपुर में कचरे का पहाड़: नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के सलारपुर इलाके में सफाई व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। गली नंबर 4, महर्षि आश्रम रोड पर कचरे का विशाल ढेर लगा हुआ है, जहां से तेज दुर्गंध उठ रही है। आसपास आवारा पशु (गाय-बकरी) कचरे में भोजन ढूंढ रहे हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि सफाई के बजाय यहां नया कचरा डाला जा रहा है।
आज दोपहर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक स्थानीय निवासी पंकज कुमार ने इस समस्या की तस्वीरें शेयर करते हुए @NoidaAuthority को टैग कर तुरंत कार्रवाई की मांग की। पोस्ट में चार फोटो संलग्न हैं, जिनमें सड़क किनारे भरा कचरा, पशु घूमते हुए और कुछ सफाईकर्मी व्हीलबैरो से कचरा हटाने की कोशिश करते दिख रहे हैं। पोस्ट में लिखा है- “दुर्गंध, बीमारी और आवारा पशुओं का खतरा बढ़ रहा है। सफाई के बजाय यहां कचरा डाला जा रहा है। तुरंत सफाई कराएं, जिम्मेदारों पर कार्रवाई करें और नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।”
नोएडा में कचरा प्रबंधन की समस्या नई नहीं है। फरवरी 2026 में AVN एनवायरो इंफ्रा कंपनी (जो नोएडा प्राधिकरण की ओर से कूड़ा उठाने का काम संभाल रही है) के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई सेक्टरों में कूड़े के ढेर लग गए थे। ग्रेटर नोएडा के कुछ इलाकों में भी मार्च में यही शिकायतें आई थीं, जहां निवासियों ने अवैध कचरा डंपिंग का आरोप लगाया था। प्राधिकरण ने तब हेल्पलाइन नंबर (0120-2425025/26/27) जारी कर निवासियों से ठीक लोकेशन और फोटो-वीडियो शेयर करने की अपील की थी ताकि शिकायतों का तेजी से निपटारा हो सके।
सलारपुर क्षेत्र में दिसंबर 2025 में भी जन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डीएससी रोड का निरीक्षण किया था, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई लग रही है। नोएडा प्राधिकरण नियमित रूप से सफाई अभियान चलाता है और अवैध डंपिंग पर जुर्माना भी लगाता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर निगरानी की कमी से शिकायतें लगातार आ रही हैं।
स्थानीय निवासी अब नोएडा प्राधिकरण से उम्मीद कर रहे हैं कि इस पोस्ट के आधार पर तुरंत सफाई टीम भेजी जाए, जिम्मेदार ठेकेदार पर कार्रवाई हो और इलाके में रोजाना निगरानी बढ़ाई जाए। प्राधिकरण की ओर से अभी तक इस पोस्ट पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है, लेकिन फोटो और सटीक लोकेशन के साथ शिकायत दर्ज होने से जल्द कार्रवाई की संभावना है।
नोएडा प्राधिकरण के स्वच्छ भारत मिशन और नागरिक शिकायत निवारण प्रणाली के तहत ऐसी शिकायतों पर त्वरित एक्शन लिया जाता रहा है। नागरिकों से अपील है कि वे कचरा अलग-अलग करके ही बाहर रखें और किसी भी समस्या पर हेल्पलाइन या X पर तुरंत सूचित करें। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि नोएडा जैसे विकसित शहर में भी कचरा प्रबंधन को और मजबूत बनाने की जरूरत है।

