US-Israel : नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी तनावपूर्ण संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियान से टेलीफोन पर बातचीत की। संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी बातचीत है, जिसमें मौजूदा हालात पर विस्तार से चर्चा की गई।
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शांति और कूटनीति पर जोर
बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने क्षेत्र में शांति बहाली, कूटनीतिक समाधान और स्थिरता सुनिश्चित करने के उपायों पर विचार किया। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कहा कि युद्ध किसी के हित में नहीं है और सभी पक्षों को तत्काल शांति की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
होर्मुज स्ट्रेट और ऊर्जा सुरक्षा पर चिंता
प्रधानमंत्री ने फारस की खाड़ी में नौवहन की स्वतंत्रता और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस मार्ग से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है और भारत की ऊर्जा सुरक्षा भी इससे जुड़ी हुई है। मौजूदा प्रतिबंधों के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने पर भी चिंता जताई गई।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर आभार
मोदी ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए वहां की सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राष्ट्रपति पेजेश्कियान को ईद और नवरोज की शुभकामनाएं भी दीं।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की निंदा
प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों और ऊर्जा ठिकानों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने शिपिंग लेन को सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो।
US-Israel : ईरान का अमेरिका-इजरायल पर आरोप
ईरान की ओर से जारी बयान में राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने अमेरिका और इजरायल पर ईरान के खिलाफ हमले करने का आरोप लगाया और उन्हें अमानवीय व अनैतिक बताया। उन्होंने कहा कि ये हमले बिना किसी कानूनी आधार के किए गए हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए।
क्षेत्रीय सुरक्षा फ्रेमवर्क का प्रस्ताव
ईरानी राष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय देशों को शामिल करते हुए एक नया सुरक्षा ढांचा तैयार किया जाए, जो सहयोग और आपसी विश्वास के आधार पर शांति व स्थिरता सुनिश्चित करे और विदेशी हस्तक्षेप से मुक्त हो।
ब्रिक्स से सक्रिय भूमिका की अपील
पेजेश्कियान ने ब्रिक्स संगठन से भी अपील की कि वह ईरान के खिलाफ हो रही आक्रामकता को रोकने में स्वतंत्र भूमिका निभाए और क्षेत्रीय व वैश्विक शांति बनाए रखने में योगदान दे।
परमाणु नीति पर ईरान का रुख
बातचीत के दौरान पेजेश्कियान ने बताया कि ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने परमाणु हथियारों के विकास के खिलाफ सख्त धार्मिक और प्रशासनिक निर्देश दिए थे। उन्होंने दोहराया कि ईरान परमाणु हथियारों का समर्थन नहीं करता।
संवाद बनाए रखने पर जोर
गौरतलब है कि मौजूदा संकट के दौरान बहुत कम वैश्विक नेताओं ने ईरान से सीधे संपर्क किया है। प्रधानमंत्री मोदी उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने इस कठिन समय में संवाद की प्रक्रिया को जारी रखा है।
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