Modi in Israel: ट्रंप ने स्टेट ऑफ द यूनियन में भारत-पाक पर ‘35 मिलियन मौतें रुकीं’ का दावा किया, कहा शरीफ ने खुद बताया; वहीं मोदी इजराइल पहुंचे, जेरूसलम पोस्ट ने विशेष फ्रंट पेज छापा

Modi in Israel: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अपने दूसरे कार्यकाल के पहले स्टेट ऑफ द यूनियन (स्टेट ऑफ द नेशन) संबोधन में दो बड़े दावे किए। एक तरफ उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच मई 2025 के संघर्ष को रोकने में अपनी भूमिका बताई और कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद उन्हें बताया था कि यदि वे नहीं हस्तक्षेप करते तो 35 मिलियन लोग मारे जाते। दूसरी तरफ उन्होंने कहा कि विदेशी देशों द्वारा चुकाए जाने वाले टैरिफ अंततः अमेरिका में इनकम टैक्स की जगह ले लेंगे। ठीक उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजराइल की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे, जहां टॉप इजराइली अखबार ‘जेरूसलम पोस्ट’ ने उनका स्वागत करने के लिए विशेष फ्रंट पेज छापा।

ट्रंप ने कांग्रेस के संयुक्त सत्र में कहा, “मेरे पहले 10 महीनों में मैंने आठ युद्ध समाप्त किए… भारत और पाकिस्तान के बीच न्यूक्लियर वॉर होने वाला था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने मुझे बताया कि 35 मिलियन लोग मर जाते अगर मेरी भागीदारी नहीं होती।” उन्होंने दावा किया कि यह संघर्ष भारत की ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (7 मई 2025) के दौरान शुरू हुआ था, जो अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले (26 पर्यटकों की मौत) के जवाब में लॉन्च किया गया था।

भारत सरकार ने ट्रंप के इस दावे को बार-बार खारिज किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पहले कहा था कि “अमेरिका यूनाइटेड स्टेट्स में ही था”। विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अनुसार, पाकिस्तान के DGMO ने सीधे भारतीय counterpart से संपर्क किया और युद्धविराम की अपील की थी। कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं था। पाकिस्तान ने पिछले साल ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया था, लेकिन यह दावा पाकिस्तान के लिए शर्मिंदगी का सबब बन गया है। आज तक कोई स्वतंत्र स्रोत ट्रंप के 35 मिलियन मौतों वाले आंकड़े की पुष्टि नहीं कर सका है।

इसी संबोधन में ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के चार जजों (चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स, एमी कोनी बैरेट, ब्रेट कैवनॉघ और एलेना केगन) के सामने खड़े होकर टैरिफ पर जोरदार तर्क दिया। उन्होंने कहा, “मैं मानता हूं कि विदेशी देशों द्वारा चुकाए जाने वाले टैरिफ, जैसे पहले होता था, आधुनिक इनकम टैक्स सिस्टम की जगह ले लेंगे और मेरे प्यारे अमेरिकी लोगों का बोझ कम करेंगे।” यह बयान ऐसे समय आया जब सिर्फ पांच दिन पहले (20 फरवरी 2026) सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के फैसले से ट्रंप के व्यापक टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया था। ट्रंप ने फैसले को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया और कहा कि वे अन्य कानूनों के तहत नया 15% ग्लोबल टैरिफ लगाएंगे।

दूसरी ओर, भारत की कूटनीति आज इजराइल में चमक रही है। प्रधानमंत्री मोदी 2017 के बाद पहली बार इजराइल पहुंचे। जेरूसलम पोस्ट के एडिटर-इन-चीफ ज़्विका क्लेन ने मंगलवार को X (पूर्व ट्विटर) पर विशेष फ्रंट पेज की तस्वीर शेयर की और लिखा, “कल का अखबार प्रिंट करने भेज दिया… पीएम मोदी की ऐतिहासिक यात्रा के लिए विशेष कवर।” अखबार के फ्रंट पेज पर ‘वेलकम मोदी’ और ‘नमस्ते’ लिखा है। मोदी आज दोपहर 4 बजे इजराइल पहुंचेंगे, जहां वे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिलेंगे, नेशनल एसेम्बली (कनेसेट) को संबोधित करेंगे (कोई भारतीय PM पहली बार) और रक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी, कृषि, जल प्रबंधन तथा आतंकवाद विरोधी सहयोग पर चर्चा करेंगे। दोनों देशों ने गाजा स्थिति और आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की प्रतिबद्धता दोहराई है। ये तीन घटनाएं आज एक साथ उभरी हैं और भारत की वैश्विक स्थिति को रेखांकित करती हैं – ट्रंप भारत-पाक मामले में अपनी भूमिका गिनाते रहें, लेकिन नई दिल्ली अपनी स्वतंत्र कूटनीति पर अडिग है, जबकि इजराइल जैसे रणनीतिक साझेदार मोदी का खास स्वागत कर रहे हैं।

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