विवाद की शुरुआत तब हुई जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद परिसर में इस किताब की एक प्रति दिखाई और दावा किया कि सरकार इसे दबा रही है क्योंकि इसमें प्रधानमंत्री पर कुछ असुविधाजनक खुलासे हैं। राहुल गांधी ने किताब से उद्धृत करते हुए चीन सीमा विवाद और अन्य मुद्दों का जिक्र किया।
हालांकि, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कई बार स्पष्ट किया है कि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है। प्रकाशक के अनुसार, कोई भी प्रति—चाहे प्रिंट हो या डिजिटल—आधिकारिक रूप से जारी, बेची या वितरित नहीं की गई है। खुद जनरल नरावणे ने 10 फरवरी को पेंगुइन के बयान को सोशल मीडिया पर शेयर कर इसकी पुष्टि की और लिखा, “यह किताब की वर्तमान स्थिति है।”
राहुल गांधी ने प्रकाशक के दावे पर सवाल उठाते हुए जनरल नरावणे के 2023 के एक पुराने ट्वीट का हवाला दिया, जिसमें किताब को उपलब्ध बताया गया था। उन्होंने कहा कि या तो जनरल नरावणे झूठ बोल रहे हैं या पेंगुइन, और वे पूर्व सेना प्रमुख पर भरोसा करते हैं।
इस बीच, किताब की पीडीएफ प्रति सोशल मीडिया पर लीक हो गई थी, जिस पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुछ दिन पहले एफआईआर दर्ज की। अब पेंगुइन को जारी नोटिस से जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है।
यह मामला अभी विकसित हो रहा है और जांच से किताब के लीक होने के स्रोत का पता चल सकता है। किताब में भारत-चीन सीमा विवाद समेत कई संवेदनशील मुद्दों का जिक्र बताया जा रहा है, जिसके कारण रक्षा मंत्रालय की मंजूरी लंबित है।

