गौतमबुद्धनगर। “बेटी डरे नहीं, लड़े — और जरूरत पड़े तो पुलिस को बुलाए।” यही संदेश लेकर शनिवार को गौतमबुद्धनगर की मिशन शक्ति टीम सड़कों पर उतरी। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और डीसीपी महिला सुरक्षा अनुकृति शर्मा के पर्यवेक्षण में ‘मिशन शक्ति 5.0’ के द्वितीय चरण के अंतर्गत स्कूलों, कॉलेजों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर जाकर महिलाओं और बालिकाओं से सीधा संवाद किया गया और उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा के उपायों और कानूनी प्रावधानों से रूबरू कराया गया।
घर से निकलकर जनता के बीच पहुंची पुलिस
इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि पुलिस थाने में बैठकर इंतजार नहीं की, बल्कि खुद स्कूल-कॉलेजों की कक्षाओं, मोहल्लों की गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर महिलाओं और बालिकाओं से सीधी बातचीत की। मिशन शक्ति टीम की इस पहल ने छात्राओं और महिलाओं में न केवल जागरूकता जगाई, बल्कि पुलिस के प्रति उनके मन में भरोसे का नया रिश्ता भी कायम किया।
किन विषयों पर हुई जागरूकता?
मिशन शक्ति टीम ने इस अभियान के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को कई अहम विषयों पर जानकारी दी। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति 5.0 अभियान का उद्देश्य और उसके लाभ विस्तार से बताए गए। भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने नए कानूनी प्रावधानों की सरल भाषा में जानकारी दी गई। बाल विवाह निषेध के प्रति जागरूकता फैलाई गई और बालिकाओं को उनके अधिकारों से परिचित कराया गया। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत शिक्षा के महत्व और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया। इसके साथ ही महिलाओं के विरुद्ध होने वाले विभिन्न अपराधों जैसे छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध आदि के बारे में विस्तार से बताया गया।


पर्चे बांटकर दिए जरूरी हेल्पलाइन नंबर
अभियान के दौरान मिशन शक्ति टीम ने पम्पलेट वितरित किए जिनमें आपातकाल में काम आने वाले सभी जरूरी हेल्पलाइन नंबर दर्ज थे। ये नंबर इस प्रकार हैं —
डायल-112 — पुलिस आपातकालीन सेवा। महिला हेल्पलाइन-1090 — महिलाओं से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 — शासन स्तर की शिकायतों के लिए। साइबर हेल्पलाइन-1930 — ऑनलाइन ठगी व साइबर अपराध की शिकायत हेतु। चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 — बच्चों की सुरक्षा के लिए। वन स्टॉप सेंटर-181 — हिंसा पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे सभी सहायता उपलब्ध कराने वाला केंद्र। टीम ने महिलाओं को यह भी समझाया कि किसी भी आपात स्थिति में झिझकें नहीं — फौरन पुलिस से संपर्क करें। पुलिस उनके साथ है।
आत्मनिर्भरता का संदेश — डरो मत, आगे बढ़ो
इस अभियान का केंद्रीय संदेश था — आत्मनिर्भरता और निर्भीकता। टीम ने महिलाओं को समझाया कि कानून उनके साथ है, पुलिस उनके साथ है और समाज को भी उनके साथ खड़ा होना होगा। बालिकाओं को विशेष रूप से प्रेरित किया गया कि वे अपने सपनों को पूरा करें, पढ़ें-लिखें और आगे बढ़ें।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह की प्रतिबद्धता
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में गौतमबुद्धनगर में मिशन शक्ति अभियान लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है। उनके निर्देशन में यह अभियान केवल औपचारिक कागजी कार्यवाही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। डीसीपी अनुकृति शर्मा की सक्रिय निगरानी में मिशन शक्ति टीम की यह मुहिम जिले की हर बेटी तक पहुंचने का लक्ष्य लेकर चल रही है। गौतमबुद्धनगर पुलिस का यह संकल्प है — जब तक एक भी महिला असुरक्षित है, यह अभियान जारी रहेगा।
यह भी पढ़ें: रुपया रिकॉर्ड गिरावट पर, डॉलर के मुकाबले 93.94 के ऑल-टाइम लो पर पहुंचा

