घटना के विवादित विवरण
संघीय गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) का दावा है कि रेनी गुड अपनी गाड़ी से आईसीई एजेंटों को कुचलने की कोशिश कर रही थीं, इसलिए एजेंट ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। डीएचएस सचिव क्रिस्टी नोएम ने इसे “घरेलू आतंकवाद” की घटना बताया और कहा कि गुड पूरे दिन एजेंटों का पीछा कर रही थीं तथा उनकी कार्रवाई में बाधा डाल रही थीं। उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने भी एजेंट का बचाव किया और कहा कि गुड ने संघीय कानून प्रवर्तन पर हमला किया। कुछ रिपोर्ट्स में गुड को एंटी-आईसीई एक्टिविस्ट बताया गया है, जो इमिग्रेशन गिरफ्तारियों में बाधा डालने के लिए ट्रेनिंग ली हुई थीं।
दूसरी ओर, मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे और मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने संघीय दावों को खारिज किया है। मेयर ने कहा कि वीडियो फुटेज से साफ है कि गुड अपनी कार एजेंटों की ओर नहीं चला रही थीं, बल्कि भागने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने इसे “एजेंट की लापरवाही” बताया और आईसीई से शहर छोड़ने की मांग की। कई स्वतंत्र वीडियो विश्लेषणों (जैसे न्यूयॉर्क टाइम्स) में भी दिखाया गया है कि एजेंट गाड़ी के रास्ते में नहीं था जब उसने तीन गोलियां चलाईं। गुड की मां और दोस्तों ने उन्हें दयालु, कवयित्री और तीन बच्चों की मां बताया, जो स्कूल छोड़कर लौट रही थीं।
गोली चलाने वाले एजेंट की पहचान जोनाथन रॉस बताई गई है, जो आईसीई के स्पेशल रिस्पॉन्स टीम का सदस्य है और 10 साल से अधिक अनुभव रखता है। पिछले साल जून में एक गिरफ्तारी के दौरान वह घायल हो चुका था, जिसमें उसे 33 टांके लगे थे। डीएचएस ने एजेंट का नाम सार्वजनिक नहीं किया, ताकि उसे खतरा न हो।
प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था
घटना के बाद मिनियापोलिस में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। हजारों लोग सड़कों पर उतरे, मोमबत्तियां जलाकर गुड को श्रद्धांजलि दी और आईसीई के खिलाफ नारे लगाए। कुछ जगहों पर आंसू गैस का इस्तेमाल हुआ। गवर्नर वॉल्ज ने नेशनल गार्ड को “तैयार रहने” का आदेश दिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने प्रदर्शनों को शांतिपूर्ण बताया। देश के अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन हुए।
जांच की स्थिति
जांच एफबीआई कर रही है, लेकिन राज्य स्तर पर मिनेसोटा ब्यूरो ऑफ क्रिमिनल अप्रीहेंशन को सहयोग वापस ले लिया गया है। हेनिपिन काउंटी अटॉर्नी मैरी मोरियार्टी ने कहा कि वे पारदर्शी जांच के लिए वैकल्पिक रास्ते तलाश रहे हैं। संघीय अधिकारियों ने कहा कि सबूत संरक्षण के लिए मानक प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।
यह घटना ट्रंप प्रशासन की सख्त इमिग्रेशन नीति के बीच हुई है, जो मिनेसोटा में अब तक की सबसे बड़ी प्रवर्तन कार्रवाई बताई जा रही है। दोनों पक्षों के दावों में वीडियो सबूत केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

