घटना का विवरण
संघीय अधिकारियों के अनुसार, आईसीई अधिकारी जोनाथन रॉस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई क्योंकि रेनी गुड ने अपने वाहन से अधिकारियों को कुचलने की कोशिश की। होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने इसे “घरेलू आतंकवाद का प्रयास” करार दिया और कहा कि गुड आईसीई एजेंट्स को निशाना बनाने वाले समूह का हिस्सा थीं। नोएम ने दावा किया कि गुड का वाहन एक अधिकारी को टक्कर मारकर घायल कर चुका था।
हालांकि, स्थानीय अधिकारियों और बायस्टैंडर वीडियो के आधार पर मिनियापोलिस मेयर जैकब फ्रे ने इस दावे को “बकवास” बताया। उनका कहना है कि वीडियो में गुड भागने की कोशिश कर रही थीं, न कि किसी को कुचलने की। हेनिपिन काउंटी अटॉर्नी मैरी मोरियार्टी ने कहा कि आईसीई अधिकारी को “पूर्ण प्रतिरक्षा” नहीं है और उनका कार्यालय आरोप लगाने का अधिकार रखता है।
नए वीडियो से उठे सवाल
9 जनवरी को सामने आए नए सेलफोन वीडियो (जिसे आईसीई अधिकारी ने खुद रिकॉर्ड किया माना जा रहा है) में अलग नजरिया दिखता है। वीडियो में गुड शांतिपूर्वक कहती सुनाई दे रही हैं, “ठीक है दोस्त, मैं तुम पर गुस्सा नहीं हूं।” पीछे की सीट पर उनका कुत्ता भी दिख रहा है। एक अन्य अधिकारी चिल्लाता है, “गाड़ी से बाहर निकलो!” इसके बाद गुड रिवर्स करती हैं, स्टीयरिंग घुमाती हैं और आगे बढ़ाती हैं। कोई चिल्लाता है “ड्राइव!” और तभी गोली चलने की आवाज आती है। गोली चलने के बाद किसी की आवाज आती है, “फ…िंग बिच।” गाड़ी आगे जाकर क्रैश हो जाती है।
यह वीडियो कई स्रोतों पर सर्कुलेट हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकारी की पिछली घटना (जून में एक वाहन से घसीटे जाने की) उसके मनोविज्ञान पर असर डाल सकती है, लेकिन जांच में यह देखा जाएगा कि क्या घातक बल का इस्तेमाल जरूरी था। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की नीति के मुताबिक, घातक बल तभी इस्तेमाल किया जा सकता है जब अधिकारी या किसी अन्य को गंभीर खतरा हो।
परिवार और राजनीतिक बयान
रेनी गुड की पत्नी बेका गुड ने बयान में कहा कि रेनी दयालु और धार्मिक महिला थीं, जो सभी धर्मों में एक ही सत्य देखती थीं—एक-दूसरे से प्यार और देखभाल। रेनी तीन बच्चों की मां थीं, जिनमें एक 6 साल का बेटा शामिल है।
उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने अधिकारी का बचाव करते हुए “पूर्ण प्रतिरक्षा” का दावा किया और मीडिया कवरेज को पक्षपाती बताया। वहीं, डेमोक्रेटिक नेता जैसे एओसी ने इसे “अस्वीकार्य” करार दिया।

जांच की स्थिति
एफबीआई मामले की जांच कर रही है, लेकिन राज्य अधिकारियों को सबूत (जैसे गुड की गाड़ी) नहीं दिए जा रहे। मिनेसोटा अटॉर्नी जनरल कीथ एलिसन और काउंटी अटॉर्नी ने सार्वजनिक रूप से वीडियो या जानकारी सबमिट करने की अपील की है। कोई आरोप अभी नहीं लगा है। मिनेसोटा ब्यूरो ऑफ क्रिमिनल एप्रिहेंशन ने भी जांच में सहयोग की बात कही है।
देशभर में आईसीई ऑपरेशंस के खिलाफ प्रदर्शन जारी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वीडियो विश्लेषण, अधिकारी की ट्रेनिंग और गुड के पिछले व्यवहार की जांच निर्णायक होगी।

