मिडल ईस्ट संकट की मार: मिडल ईस्ट में जारी सैन्य संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा बाजार में मची उथल-पुथल के बीच भारत में महंगाई का एक और झटका लगा है। सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) ने शनिवार, 7 मार्च से रसोई गैस की कीमतों में बड़ा इजाफा कर दिया है। जहाँ घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किग्रा) के दाम में 60 रुपये की वृद्धि हुई है, वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 115 रुपये बढ़ गई है।
प्रमुख शहरों में एलपीजी के नए दाम (14.2 किलो सिलेंडर):
| शहर | पुरानी कीमत (लगभग) | नई कीमत (7 मार्च से) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹853 | ₹913 |
| मुंबई | ₹852.50 | ₹912.50 |
| कोलकाता | ₹879 | ₹939 |
| चेन्नई | ₹868.50 | ₹928.50 |
महंगाई का कारण: मिडल ईस्ट में तनाव
विशेषज्ञों के अनुसार, हाल ही में ईरान पर हुए हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में आपूर्ति बाधित होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में उछाल आया है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिससे वैश्विक कीमतों में होने वाला कोई भी बदलाव सीधे घरेलू बाजार को प्रभावित करता है।

पेट्रोल, डीजल और CNG पर क्या होगा असर?
एलपीजी के दाम बढ़ने के बाद अब आम जनता की चिंता पेट्रोल, डीजल और सीएनजी (CNG) को लेकर बढ़ गई है।
- पेट्रोल-डीजल: हालांकि फिलहाल सरकार और तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखा है, लेकिन कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें अगर $100 प्रति बैरल के पार जाती हैं, तो आने वाले दिनों में इनकी कीमतों में ₹3 से ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
- CNG और PNG: अंतरराष्ट्रीय गैस की कीमतों में उछाल के कारण अगले समीक्षा चक्र में सीएनजी और पीएनजी (PNG) के दामों में भी वृद्धि का अनुमान है।
आम आदमी पर प्रभाव
कमर्शियल गैस के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट, होटल और बाहर का खाना महंगा हो सकता है। वहीं, घरेलू सिलेंडर में ₹60 की बढ़ोतरी मध्यम वर्गीय परिवारों के बजट को बिगाड़ सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिलने वाली सब्सिडी जारी रहेगी, जिससे उन पर बोझ कुछ कम होगा।
विशेषज्ञ की राय: “यदि मिडल ईस्ट में तनाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले हफ्तों में माल ढुलाई (logistics) महंगी होने के कारण खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं।”

