निलंबित सांसदों में मनिकम टैगोर, गुरजीत औजला, राजा वारिंग, एंटो एंटनी, किरण रेड्डी और अन्य शामिल हैं। स्पीकर ने इसे संसदीय मर्यादा का उल्लंघन बताया और सख्त कार्रवाई की। सदन कई बार स्थगित हुआ – पहले 3 बजे तक, फिर दिन भर के लिए।
राहुल गांधी का बड़ा आरोप
सदन से बाहर मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विस्फोटक आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इंडिया-US ट्रेड डील, जो महीनों से अटकी थी, अचानक रातोंरात साइन हुई क्योंकि PM ट्रंप के दबाव में हैं। राहुल ने दावा किया कि PM ‘कंप्रोमाइज्ड’ हैं, उनकी इमेज को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने अदानी ग्रुप पर अमेरिका में चल रहे केस और एपस्टीन फाइल्स (जिनमें PM का इजराइल विजिट मेंशन है, लेकिन भारत ने इसे खारिज किया) का जिक्र करते हुए कहा कि ये दबाव के दो मुख्य बिंदु हैं।
राहुल ने कहा, “मोदी जी घबरा गए हैं। ट्रेड डील में भारतीय किसानों की मेहनत बेच दी गई। अमेरिकी कृषि उत्पादों पर जीरो ड्यूटी लगाकर देश को बेचा गया।” उन्होंने इसे “नरेंद्र सरेंडर 2.0” बताया।
इंडिया-US ट्रेड डील पर विपक्ष का जोरदार विरोध
विपक्ष ने ट्रेड डील को संसद में प्रमुख मुद्दा बनाया। कांग्रेस ने मांग की कि डील की पूरी डिटेल्स सदन में रखी जाएं। जयराम रमेश और कार्ति चिदंबरम ने इसे किसानों के खिलाफ बताया। सदन परिसर में विपक्षी सांसदों ने प्लेकार्ड्स के साथ प्रदर्शन किया।
सरकार की तरफ से किरण रिजिजू और जेपी नड्डा ने राहुल की आलोचना की। रिजिजू ने उन्हें ‘बच्चों जैसा’ बताया, जबकि नड्डा ने ट्रेड डील को भारत की जीत करार दिया। NDA बैठक में PM मोदी को डील के लिए बधाई दी गई।
हंगामे के बावजूद राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा जारी है। सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई, लेकिन सरकार ने डील पर बयान देने का संकेत दिया है। मामला राजनीतिक गलियारों में गरमाया हुआ है।

