नोएडा | उत्तर प्रदेश के औद्योगिक केंद्र नोएडा के सेक्टर-4 में आज सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक मीटर बनाने वाली प्रसिद्ध कंपनी में भयंकर आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि इसकी लपटें दूर-दूर तक देखी गईं और आसमान में काले धुएं का साम्राज्य फैल गया। इतना ही नही कई लोग अधिक घूए के कारण बेहोश हो गए। आग लगने के कारण अभी स्पष्ट नही हुए है लेकिन तड़के साढे पांच बजे आग लगी। जिस पर काबू पाने के लिए फायर सर्विस विभाग प्रयास कर रही है। सूचना मिलते ही मौके पर ज्वांइट पुलिस कमिश्नर आरएन मिश्रा, डीसीपी नोएडा साद मियां खान, एडीएम बच्चू सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अरविन्द मिश्रा और कई अफसर पहुंच गए। सीएफओ प्रदीप कुमार अपनी टी के साथ आग बुझाने की कोशिश कर रहे है। उनका कहना है कि कंपनी में आग काफी फैल चुकी है।
घटना का विवरण: सुबह 5:30 बजे भड़की चिंगारी
प्रत्यक्षदर्शियों और दमकल विभाग के अनुसार, आग लगने की घटना आज सुबह करीब 5:30 बजे हुई। यह आग सेक्टर-4 स्थित कंपनी नंबर B-40 (बी-चालीस) में लगी, जो बिजली के मीटर बनाने का काम करती है। बताया जा रहा है कि आग की शुरुआत बिल्डिंग के बेसमेंट से हुई। बेसमेंट में रखे भारी मात्रा में प्लास्टिक, केमिकल और इलेक्ट्रॉनिक सामान के कारण आग ने तेजी पकड़ी और कुछ ही मिनटों में पूरी बहुमंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।


धुएं के आगोश में आधा नोएडा
आग की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इससे निकलने वाले जहरीले और काले धुएं ने नोएडा के कई प्रमुख हिस्सों को कवर कर लिया।
- प्रभावित क्षेत्र: सेक्टर-4 के साथ-साथ पड़ोसी सेक्टर-5, 6, 7, 8, 9 और सेक्टर-10 पूरी तरह से धुएं की चादर से ढक गए हैं।
- जनजीवन पर असर: सुबह की सैर पर निकले लोगों और ऑफिस जाने वालों को सांस लेने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। दृश्यता (Visibility) कम होने के कारण यातायात पर भी इसका असर पड़ा है।

राहत और बचाव कार्य
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की एक दर्जन से अधिक गाड़ियाँ मौके पर पहुँच गईं। दमकल कर्मी लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बेसमेंट में धुआं भरा होने के कारण अंदर घुसने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
सीएफओ प्रदीप कुमार का बयान: “हमारी प्राथमिकता आग को आसपास की अन्य फैक्ट्रियों में फैलने से रोकना है। वर्तमान में कूलिंग प्रक्रिया और आग बुझाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।”
नुकसान का आकलन
अभी तक किसी जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, क्योंकि घटना के वक्त फैक्ट्री में कर्मचारियों की संख्या कम थी। हालांकि, कंपनी की मशीनरी और तैयार माल पूरी तरह जलकर खाक हो गया है, जिससे करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। आग लगने का प्राथमिक कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, लेकिन इसकी विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

