Mamata Banerjee VS ED controversy: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बीच आई-पैक (I-PAC) छापेमारी को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। गुरुवार को ईडी की छापेमारी के दौरान ममता के मौके पर पहुंचने और शुक्रवार को कोलकाता में विशाल विरोध रैली निकालने के बाद अब मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। बंगाल सरकार ने संभावित ईडी याचिका के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल किया है, ताकि बिना सुने कोई आदेश न पारित हो।

शुक्रवार को कोलकाता में जादवपुर से हाजरा तक 6 किलोमीटर लंबी पैदल रैली का नेतृत्व करते हुए ममता बनर्जी ने भाजपा और केंद्रीय एजेंसियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि कोल तस्करी घोटाले की सारी रकम अंततः केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचती है। यह रकम बंगाल भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार और विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के जरिए रूट की जाती है। ममता ने कहा, “मैंने अब तक अपनी कुर्सी का सम्मान करते हुए चुप्पी साधी है, लेकिन अगर ज्यादा दबाव डाला गया तो सब खोल दूंगी। मेरे पास पेन ड्राइव हैं, जो सबूतों से भरी हैं।”ममता ने भाजपा को चेतावनी दी कि अगर वे चंदा लेकर सत्ता बचाने की कोशिश करेंगे तो “चंद पर भी पहुंच जाऊंगी”। उन्होंने रोहिंग्या मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा और कहा, “बंगाली बोलने वालों को बांग्लादेशी कहते हैं, लेकिन रोहिंग्या कहां से आ रहे हैं?” रैली में हजारों टीएमसी कार्यकर्ता शामिल हुए। ममता ने कहा, “मुझ पर हमला होता है तो मुझे नई जिंदगी मिलती है, जैसे कल हुई।”
इस बीच, कलकत्ता हाई कोर्ट में ईडी और टीएमसी की याचिकाओं पर सुनवाई शुक्रवार को कोर्ट रूम में भारी भीड़ और हंगामे के कारण टल गई। जस्टिस सुव्रा घोष ने असंतोष जताते हुए सुनवाई 14 जनवरी तक स्थगित कर दी। ईडी ने ममता पर छापेमारी में बाधा डालने और डिजिटल डिवाइस व दस्तावेज ले जाने का आरोप लगाया है, जबकि टीएमसी ने ईडी की कार्रवाई को मनमानी बताया। ईडी ने तत्काल सुनवाई की मांग की, लेकिन मुख्य न्यायाधीश ने इसे खारिज कर दिया।
ताजा घटनाक्रम में बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल किया है। सुवेंदु अधिकारी ने ममता के कोल स्कैम आरोपों पर मानहानि का नोटिस भेजा है। आई-पैक ने बयान जारी कर छापेमारी को “अशांत करने वाला उदाहरण” बताया और कहा कि यह राजनीतिक सलाहकारों के लिए खतरनाक मिसाल है।
भाजपा ने ममता पर कानून से ऊपर होने का आरोप लगाया, जबकि टीएमसी ने इसे चुनावी साजिश बताया। दिल्ली में टीएमसी सांसदों का अमित शाह के घर के बाहर प्रदर्शन पर हिरासत भी हुई।
यह विवाद बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक तनाव बढ़ा रहा है।
