कुट्टू आटे से फूड पॉइजनिंग का कहर
महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखने वाले सैकड़ों लोगों ने स्थानीय किराना दुकानों या बाजार से ए-प्योर ब्रांड का कुट्टू का आटा खरीदा और पकौड़े-पूड़ी बनाकर खाई। रविवार देर रात अचानक उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायतें शुरू हुईं। ग्रेनो वेस्ट की 7 सोसायटियों (समृद्धि ग्रैंड एवेन्यू, हर्ष विहार-चिपियाना बुजुर्ग, सुपरटेक इको विलेज-3, हिमालय प्राइड आदि) के 150 से अधिक निवासी प्रभावित हुए।
• यथार्थ अस्पताल में 28 मरीज भर्ती (7 पुरुष, 15 महिलाएं, 6 बच्चे)।
• न्यू मेड अस्पताल में 50 से अधिक लोग इमरजेंसी में पहुंचे, जिनमें 25+ भर्ती और कुछ आईसीयू में।
• बादलपुर (गोल्डन पार्क कॉलोनी) में 9 लोग और हापुड़ में 4 लोग भी बीमार पड़े।
एक ही परिवार के 6 सदस्यों समेत कई बच्चों और महिलाओं की हालत गंभीर हुई, लेकिन किसी की मौत नहीं हुई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी मरीजों ने एक ही ब्रांड का आटा इस्तेमाल किया था। खाद्य विभाग ने चिपियाना बुजुर्ग की एचडी स्पाइस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (जिसका लाइसेंस गाजियाबाद से लिया गया था) को सील कर दिया। तीन जगहों से सैंपल लिए गए हैं। बिसरख पुलिस ने गोदाम मालिक समेत 4 लोगों को हिरासत में लिया है। सहायक खाद्य आयुक्त सर्वेश मिश्रा ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मिलावट या संक्रमण की पुष्टि होगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस ब्रांड का आटा फिलहाल न इस्तेमाल करें।
एसटीपी बंद पर अथॉरिटी की सख्ती
इसी दौरान ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने सीवर विभाग की जांच में 10 और सोसायटियों में एसटीपी बंद पाए जाने पर प्रत्येक पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। सीईओ एनजी रवि कुमार को शिकायतें मिलने के बाद 220 से अधिक सोसायटियों को नोटिस भेजा गया था। जिन्होंने एसटीपी चलने का दावा किया, उनकी क्रॉस चेकिंग में 10 में प्लांट बंद मिले। पहले भी 25 सोसायटियों पर इसी आधार पर जुर्माना लग चुका है, यानी कुल 35 सोसायटियां कार्रवाई के दायरे में हैं।
अथॉरिटी के सीनियर मैनेजर सन्नी यादव ने बताया कि बिना ट्रीटमेंट के गंदा पानी नालों में बहाने से पर्यावरण और भूजल प्रदूषित हो रहा है। हाल ही में ग्रेनो वेस्ट की एक सोसायटी में बेसमेंट में सीवर पानी भरने पर बिल्डर पर 50 लाख का जुर्माना भी लगाया गया था (उसका एसटीपी दो साल से बंद था)। अथॉरिटी ने साफ चेतावनी दी है कि आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और एसटीपी का नियमित संचालन सुनिश्चित न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
दोनों घटनाओं से क्या संकेत?
ये दोनों घटनाएं ग्रेटर नोएडा वेस्ट और आसपास की सोसायटियों में बिल्डरों/प्रबंधनों की लापरवाही को उजागर करती हैं—एक तरफ खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं (एसटीपी) का रखरखाव। खाद्य विभाग और अथॉरिटी दोनों सक्रिय हैं, लेकिन निवासियों को सतर्क रहने की जरूरत है।
अभी तक कुट्टू आटे की लैब रिपोर्ट नहीं आई है, जबकि एसटीपी मामले में जुर्माने की राशि जमा कराने की समयसीमा दी गई है। नवभारत टाइम्स समेत अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों मामलों में कोई नई बड़ी घटना नहीं हुई है (17 फरवरी शाम तक)। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
नोट: नागरिकों से अपील—व्रत या त्योहार के दौरान केवल प्रमाणित ब्रांड के उत्पाद खरीदें और सोसायटी प्रबंधन से एसटीपी की स्थिति की नियमित जांच करवाएं। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय स्वास्थ्य/खाद्य विभाग से संपर्क करें।

