यह जानकारी उत्तर प्रदेश के स्टांप एवं निबंधन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल (IGRSUP) पर जारी सूचना से सामने आई है। अभी तक स्लॉट पूरे दिन का मिलता था, लेकिन अब समयबद्ध व्यवस्था लागू की जा रही है। विभाग का कहना है कि इससे सुबह 10 बजे से शुरू होने वाली रजिस्ट्री में दोपहर बाद बढ़ने वाली भीड़ और देरी कम होगी। दस्तावेजों की जांच के लिए पर्याप्त समय मिलेगा, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगी।
हालांकि, अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने चिंता जताई है कि विभाग में सर्वर अक्सर ठप हो जाता है। ऐसी स्थिति में एक घंटे के स्लॉट में रजिस्ट्री अटक सकती है, जिससे खरीदार-विक्रेता को परेशानी हो सकती है। विभाग ने अभी तक सर्वर सुधार या बैकअप व्यवस्था पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है। यह बदलाव पूरे उत्तर प्रदेश में लागू होगा, लेकिन नोएडा-ग्रेटर नोएडा जैसे व्यस्त इलाकों में इसका असर सबसे ज्यादा दिखेगा, जहां रोजाना सैकड़ों रजिस्ट्री होती हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि लोग स्लॉट बुक करने से पहले सभी दस्तावेज तैयार रखें, सभी पक्षकार समय पर मौजूद रहें और यदि संभव हो तो सुबह के स्लॉट चुनें ताकि सर्वर या भीड़ की समस्या कम हो।
इसके अलावा, हाल ही में यूपी रेरा ने 13 जिलों में 24 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें गौतमबुद्ध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) की 5 परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें कुल 5,218 करोड़ रुपये के निवेश से 2,969 यूनिट्स विकसित होंगी। इससे क्षेत्र में नई संपत्तियों की उपलब्धता बढ़ेगी, लेकिन रजिस्ट्री की नई समय सीमा से प्रक्रिया में सतर्कता जरूरी होगी।
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